लंबी बीमारी से जूझते हुए अंशिका भले ही जिंदगी और मौत की जंग में हार गई हो, लेकिन समाज सेवा की सोच उसकी आंखों से रोशन रहेगी। अंशिका के परिजनों ने मृत्योपरांत उसके नेत्रदान किए हैं। इससे अंशिका के बाद अब उसकी आंखों से किसी और की जिंदगी रोशन रहेगी।
नगर क्षेत्र निवासी हरेंद्र कुमार अरोरा की दस साल की बेटी अंशिका पिछले कई साल से अज्ञात बीमारी से जूझ रही थी। अंशिका व्हाइट हॉल पब्लिक स्कूल की छात्रा थी। अंशिका का उपचार एम्स समेत देश के कई नामचीन अस्पतालों में चल रहा था। सोमवार सुबह उपचार के दौरान अंशिका की मौत हो गई लेकिन, अंशिका के परिजनों ने उसके नेत्रदान करने का निर्णय लिया।
इससे अब किसी जरूरतमंद की जिंदगी में दोबारा आंखों की रोशनी आ सकेगी। रामपुर नागरिक समाज की ओर से परिजनों ने सोमवार को मुरादाबाद के सीएल गुप्ता आई बैंक में अंशिका का नेत्रदान कराया। जिले में इतनी कम उम्र की बालिका द्वारा नेत्रदान करने का यह पहला मामला है।