साथ ही अमीन को पीटने के मामले में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया था। इस प्रकरण में ग्रामीणों ने भाजपा नेताओं से हस्तक्षेप कर साथ देने की उम्मीद जताई थी, लेकिन कोर्ट का मामला होने की वजह से ग्रामीणों को भाजपा नेताओं का साथ नहीं मिला। जिससे ग्रामीण नाराज हैं।
अब जब लोकसभा उप-चुनाव आया है तो ग्रामीणों ने अपनी नाराजगी जता दी है। ग्रामीणों ने गांव के बाहर बैनर लगाया है कि गांव में किसी भी भाजपा नेता का प्रवेश वर्जित है। हालांकि ग्रामीणों की नाराजगी भाजपा प्रत्याशी को लेकर नहीं है। उनकी मानें तो भाजपा संगठन से वह नाराज हैं।