घायल को मेडिकल परीक्षण के लिए ले जाने पर भड़के परिजन, मौके पर नहीं मिले तेंदुए के निशान
संवाद न्यूज एजेंसी
मसवासी। क्षेत्र के गांव बिजारखाता में तेंदुए के हमले की सूचना पर जांच के लिए पहुंची वन विभाग की टीम को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। घायल को मेडिकल परीक्षण के लिए ले जाने की कोशिश पर परिजन भड़क गए और अधिकारियों पर बिना बताए घर में घुसने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। हालात बिगड़ते देख वन विभाग की टीम को वापस लौटना पड़ा।
बताया गया कि गांव बिजारखाता निवासी एवं पूर्व उपप्रधान जाफर अली के तेंदुए के हमले में घायल होने की सूचना मिलते ही वन विभाग में हड़कंप मच गया। शुक्रवार दोपहर एसडीओ ओमप्रकाश राम के नेतृत्व में वन क्षेत्राधिकारी सुरेश जोशी टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
टीम ने घायल जाफर अली तथा अन्य ग्रामीणों के बयान दर्ज किए। जांच के दौरान घटनास्थल के आसपास तेंदुए के निशान नहीं मिले। इसके बाद जब टीम घायल को मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल ले जाने लगी, तो परिजन आक्रोशित हो गए। उनका आरोप था कि वन विभाग के अधिकारी बिना आवाज दिए घर में घुस आए, जिससे विवाद बढ़ गया।
शोर-शराबा सुनकर आसपास के ग्रामीण भी जमा हो गए और माहौल तनावपूर्ण हो गया। काफी देर तक चली कहासुनी और हंगामे के बाद वन विभाग की टीम घायल को वहीं छोड़कर लौट गई। मामले में एसडीओ ओमप्रकाश राम ने बताया कि फिलहाल तेंदुए के हमले की पुष्टि नहीं हो सकी है। जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है, आगे की कार्रवाई उनके निर्देश पर की जाएगी।