रामपुर। कोरोना संक्रमण काल के दौरान कई लोग ऐसे थे, जिन्हें शुगर, बीपी आदि बीमारियां थी, इसके बाद भी उन्होंने टीकाकरण को लेकर गंभीरता दिखाते हुए वैक्सीन की डोज ली। इन लोगों का कहना है कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए टीका काफी कारगर साबित हुआ है ।
कोरोना से बचाव के लिए चल रहा टीकाकरण लोगों की सुरक्षा करने के साथ उन्हें अन्य बीमारियों से बचाने में भी मदद कर रहा है। पहली लहर के दौरान एकांत साधन जहां उपचार था तो दूसरी लहर से पूर्व टीका आने पर इससे राहत मिलनी शुरू हुई। हालांकि, कोविड काल के दौरान नियमित टीकाकरण का कार्य प्रभावित रहा। इसके लिए विभाग द्वारा समय-समय पर अभियान चलाकर मरीज खोजकर टीके लगाए गए।
जनवरी 2021 से लोगों को वैक्सीन की डोज मिलनी शुरू हो गई। इसके बाद अब तक जिले में 18 साल से अधिक आयु वाले करीब 17 लाख लोग पहली और 13 लाख लोग दोनों डोज ले चुके हैं। वहीं, 15 से 17 वर्ष के करीब 1.41 लाख किशोर-किशोरियों ने पहली और एक लाख से अधिक किशोर-किशोरियों ने दूसरी डोज भी ले ली है। मार्च माह से ही शुरू हुए 12 से 14 साल आयु वर्ग के टीकाकरण्ण में भी अब तक करीब दस हजार पात्र वैक्सीन की पहली डोज ले चुके हैं। इसमें काफी संख्या में ऐसे लोग भी शामिल रहे जो पूर्व में अन्य बीमारियों से जूझ रहे थे। अधिकांश को कोरोना से बचाव का टीका लगने पर जहां राहत मिली तो अधिकांश की बीमारियां भी कम हो गई।