हजरत हाफिज शाह जमालुल्लाह रहमतुल्लाह अलैह की दरगाह के बुलंद दरवाजे पर परचम कुशाई के साथ सालाना उर्स का आगाज हो गया। दरगाह पर भी गुल और चादरपोशी की गई। फूलों की खुशबू से आस्ताना-ए- आलिया जमालिया महक उठा।
हजरत हाफिज शाह जमालुल्लाह रमतुल्लाह अलैह की दरगाह के बुलंद दरवाजे पर परचम कुशाई के साथ सालाना उर्स का आगाज हो गया। परचम कुशाई के बाद उर्स में रौनक बढ़ने लगी। दरगाह पर बरोज मंगल बाद नमाज फज्र सलातो सलाम हुआ। इसके बाद कुरान की तिलावत और फिर कुल शरीफ हुआ। बाद नमाज अस्र घेर तोगा स्थित शाहिद अली खां जमाली के मकान पर कुरान ख्वानी और मनकबत हुई। इसके बाद परचम और चादर का जुलूस उठा, जो अकीदत के साथ दरगाह पहुंचा।
दरगाह के सज्जादानशीन शाह फरहत अहमद खां जमाली के दस्ते मुबारक से दरगाह के बुलंद दरवाजे पर परचम कुशाई की गई। साथ ही दरगाह पर भी गुल और चादरपोशी की गई। फूलों की खुशबू की आस्ताना महक उठा। बाद में मुल्क और कौम की तरक्की की दुआ भी कराई। परचम कुशाई के साथ अकीदतमंदों का आना शुरू हो गया।
इस मौके पर नायब सज्जादानशीन शाह फहद जमाली, शाहिद अली खां जमाली, रजी खां जमाली, लकी खां जमाली, मोमिन मियां, बाबू खां जमाली, मौलाना अथर जमाली, मौैलाना आरिफ जमाली, अरशद खां जमाली, चांद खां, जुबैर खां जमाली सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।