मिलक में ठेले वालों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई का बद के विरोध पर होता हंगामा।
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मिलक। ठेले वालों के चालान काटने पर बुधवार को पुलिस के खिलाफ हंगामा खड़ा हो गया। इस दौरान पुलिस कर्मियों को चालान की कार्रवाई बीच में छोड़कर कोतवाली लौटना पड़ा।
नगर में साप्ताहिक बाजार के मोड़ पर पटरी ठेले वालों के खिलाफ पुलिस कर्मी बुधवार को दफा 34 के चालान काटने का अभियान चला रहे थे। इसे लेकर ठेले वालों में खलबली मच गई और उन्होेंने चालान का विरोध किया। लेकिन विरोध के बावजूद पुलिस कर्मियों की अभियान जारी रहा। इस बीच सूचना के बाद बजरंग दल के नेता मुकेश पटेल मौके पर पहुंच गए। उन्होंने ठेले वालों के चालान काटने का विरोध किया। पुलिस से नोकझोंक के दौरान मामला तूल पकड़ने पर हंगामा खड़ा हो गया।
बजरंग दल के नेता और ठेले वालों का कहना था कि कोरोना संक्रमण के कारण वह पहले से ही आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। ऐसे में उनके खिलाफ अभियान चलाकर चालान काटना गलत है। ठेले वालों का कहना था कि आखिरकार उनका अपराध क्या है।
उनका नगर पालिका में पंजीकरण है और वह अपनी रोजी-रोटी कमा रहे हैं। वहीं, बजरंग दल नेता का कहना था कि यह ठेले वाले ही सरकार बनाते हैं और उनका ही चालान काटकर उत्पीड़न किया जा रहा है। हंगामा बढ़ने पर पुलिसकर्मी चालान अभियान को बीच में छोड़कर कोतवाली लौट गए।
प्रभारी निरीक्षक बोले- अतिक्रमण के खिलाफ था अभियान
प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार त्यागी का कहना है कि मुख्य रास्तों और मोड़ पर कुछ ठेले वाले अतिक्रमण कर लेते हैं। उनके खिलाफ अभियान चलाया गया था। पुलिस ने सामान्य तरीके से ठेले लगाने वाले किसी का चालान नहीं काटा है। उनका कहना है कि अभियान स्थगित कर दिया गया है। पुलिस उत्पीड़न का आरोप गलत है।