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Rampur News: गोवंशीय पशुओं से भरी दो पिकअप पकड़ी, चार गिरफ्तार

Sun, 01 Jun 2025 01:48 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
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मसवासी। क्षेत्र में पशु तस्करी और गोवंशीय पशुओं के प्रति क्रूरता का मामला सामने आया है। शनिवार दोपहर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने दो पिकअप गाड़ियों को पकड़ लिया। पिकअप में गोवंशीय पशुओं को ठूंसकर भरा गया था। कार्यकर्ताओं ने इन वाहनों को रोककर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों गाड़ियों को कब्जे में लेकर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
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शनिवार को विश्व हिंदू परिषद व बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को सूचना मिली थी कि बिलासपुर से पशु तस्करी के लिए दो पिकअप वाहनों में गोवंशीय पशुओं को भरा गया है और उन्हें वध के उद्देश्य से किसी दूसरे जिले में ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल के प्रखंड अध्यक्ष अर्जुन गुप्ता के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने घेराबंदी की और ढिल्लन ढाबे के दोनों वाहनों को रोक लिया। इसके बाद पुलिस को सूचित किया गया। मौके पर पहुंची पुलिस टीम वाहनों को कब्जे में लेकर चौकी ले आई। वाहनों में छह गाय और एक बछड़ा बरामद हुए। पुलिस पकड़े गए चारों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।
पुलिस ने सभी पशुओं को मेडिकल परीक्षण के बाद कान्हा गोशाला में सुरक्षित पहुंचा दिया है, जहां उनका इलाज किया जा रहा है। कार्यवाहक चौकी प्रभारी मनोज मिश्रा ने बताया कि हरिद्वार के थाना कलियर क्षेत्र मुकरामपुर निवासी शहजाद, बिजनौर के धामपुर क्षेत्र बंदूकचांद निवासी फुरकान, मोहल्ला बड़वान निवासी सुरेन्द्र सिंह और हरिद्वार के थाना भगवानपुर क्षेत्र के गांव सिरकोटा निवासी सलमान के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर किया गया है। इनको गिरफ्तार कर लिया गया है। इस घटना को लेकर क्षेत्र में आक्रोश व्याप्त है। स्थानीय लोगों और गोसेवा से जुड़ी संस्थाओं ने प्रशासन से मांग की है कि पशु तस्करों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए क्षेत्र में नियमित निगरानी व्यवस्था बनाई जाए।
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बिना चारे-पानी के भरकर ले जाए जा रहे थे पशु
गाड़ियों की हालत देखकर यह स्पष्ट था कि पशुओं को न तो चारा-पानी दिया गया था और न ही किसी प्रकार की सुरक्षा का इंतजाम था। पशुओं को रस्सियों से बांधकर बेहद क्रूरता से गाड़ियों में ठूंसा गया था, जिससे कई पशु हिलने-डुलने तक की स्थिति में नहीं थे। इनमें से कुछ गायें घायल भी थीं।
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