कोर्ट परिसर से बाहर आने के बाद सपा के वरिष्ठ नेता आजम खां मीडिया से रूबरू हुए। उन्होंने कहा कि आज फैसला हुआ, इंसाफ नहीं। फैसले और इंसाफ में फर्क होता है। शहर को पता था कि सजा हो रही है। हम इस फैसले के खिलाफ अपील करेंगे।
सपा के पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम के दो जन्म प्रमाणपत्र मामले में एमपी-एमएलए (मजिस्ट्रेट ट्रायल) कोर्ट ने सपा नेता आजम खां, उनकी पत्नी पूर्व विधायक डॉ. तजीन फात्मा और अब्दुल्ला आजम को सात-सात कैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने तीनों पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
सपा के वरिष्ठ नेता आजम खां पर फैसले को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। कोर्ट परिसर से लेकर शहर के चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बल तैनात रहा। पुलिस अफसर लगातार गश्त करते हुए नजर आए। कोर्ट परिसर को छावनी में तब्दील किया गया था।
सपा के पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम के दो जन्म प्रमाणपत्र मामले में बुधवार को कोर्ट का फैसला आना था। इसको लेकर पुलिस प्रशासन सुबह से ही सतर्क था। सुबह से ही कोर्ट परिसर और शहर के चौराहों पर सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे।
कोर्ट परिसर में शहर के तीनों थानों की फोर्स के साथ ही एसओजी भी लगाई गई थी। कलक्ट्रेट के चौराहे पर नाकेबंदी की गई थी। कोर्ट जाने वाले हर व्यक्ति की चेकिंग की जा रही थी। दोपहर में जब आजम परिवार समेत कोर्ट पहुंचे तो सुरक्षा और बढ़ा दी गई।
कोर्ट रूम के बाहर भी भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। इसके अलावा पुलिस को जेल के आसापास भी तैनात किया गया था। पूरा परिसर छावनी में तब्दील रहा। इस दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा।