मुरादाबाद में हुए मालगाड़ी हादसे के बाद रेल यातायात बाधित रहा। स्टेशन से गुजरने वाली अधिकतर ट्रेनें विलंब से पहुंची। वहीं, रूट क्लियर न होने के कारण लखनऊ-सहारनपुर और काठगोदाम-मुरादाबाद पैसेंजर को रद करना पड़ा। ट्रेनों के विलंब से पहुंचने के लिए यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
कुछ यात्रियों की रेलवे कर्मियों से नोकझोंक भी हुई। बाधित रेल यातायात को सामान्य करने में रेलवे अफसरों और कर्मियों को खासी मशक्कत करनी पड़ी। बुधवार रात मुरादाबाद में हरथला में खड़ी कोयले से लदी मालगाड़ी बिना ड्राइवर और गार्ड के बैक मार गई और मुरादाबाद रेलवे स्टेशन तक पहुंच गई।
बिना गार्ड-ड्राइवर मालगाड़ी चलने की सूचना से रेलवे अफसरों में हड़कंप मच गया था। आनन-फानन में मालगाड़ी को रोकने के लिए प्रयास किए गए, जिसमें मालगाड़ी के नौ डिब्बे पटरी से उतर गए। इस कारण रेलवे ट्रैक क्षतिग्रस्त होने के साथ ही बंद हो गया। हादसे के बाद रेल यातायात पूरी तरह से चरमरा गया।
रामपुर स्टेशन पर भी यात्रियों को घंटों ट्रेनों का इंतजार करना पड़ा। परेशान यात्रियों ने रात में हंगामा भी कर दिया। रेलवे अफसरों और कर्मियों की ओर से यात्रियों को हादसे की जानकारी देकर बमुश्किल समझाया गया। स्टेशन अधीक्षक आरडी मीणा ने बताया कि हादसे से ट्रैक बाधित के कारण लखनऊ-सहारनपुर पैसेंजर को रामपुर से ही वापस भेजना पड़ा।
काठगोदाम पैसेंजर रद करनी पड़ी। लखनऊ-सहारनपुर पैसेंजर को वापस करने से उसमें सवार रामपुर से सहारनपुर तक की सवारियों को भी परेशानी उठानी पड़ी। अमृतसर मेल साढ़े पांच घंटे लेट हो गई। हावड़ा-काठगोदाम एक्सप्रेस दो घंटे, रानीखेत एक्सप्रेस चार घंटे, काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस डेढ़ घंटे, लखनऊ मेल एक घंटे, देहरादून-हावड़ा एक्सप्रेस एक घंटे लेट रही।