रामपुर। यातायात व्यवस्था संभालने के लिए दो सौ से ज्यादा पुलिसकर्मियों की तैनाती के बावजूद शहर में जाम की समस्या बनी हुई है। मुख्य चौराहों पर लोग औसतन 10 से 15 मिनट तक जाम में फंस रहे हैं, जिससे आमजन के साथ कारोबारियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
शहर के प्रमुख बाजारों और चौराहों पर लगने वाला जाम लोगों के लिए मुसीबत बना हुआ है। गर्मी में स्कूली बच्चे भी जाम में फंसकर परेशान हो रहे हैं। व्यापारी लंबे समय से जाम की समस्या के स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं और इस मुद्दे को कई बार सरकारी मंचों पर उठा चुके हैं, लेकिन अब तक समाधान नहीं हो सका है।
करीब 25 लाख की आबादी वाले जनपद में यातायात व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी यातायात पुलिस पर है। लगातार प्रयासों के बावजूद जाम की समस्या से लोगों को राहत नहीं मिल रही है। कारोबारियों का कहना है कि जाम का असर उनके कामकाज पर पड़ रहा है। एएसपी अनुराग सिंह ने बताया कि शहर की ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
इन स्थानों पर अधिक जाम
मिस्टन गंज, जच्चा बच्चा सेंटर, सर्राफा बाजार, बाजार नसरुल्ला खां, बर्तन बाजार, हाथीखाना चौराहा, शाहबाद गेट, मालगोदाम, सिविल लाइंस थाना चौराहा समेत अन्य प्रमुख स्थल।
यह है यातायात पुलिस बल की ताकत
सीओ1
निरीक्षक-1
उपनिरीक्षक-8
हेड कांस्टेबल-26
कांस्टेबल-38
होमगार्ड-85
पीआरडी-46
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व्यापारी बोले- ट्रैफिक पुलिस का चालान पर ज्यादा जोर
रामपुर। व्यापारियों का कहना है कि यातायात पुलिस का जोर वाहनों के चालान पर ज्यादा है। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक 30 से ज्यादा पॉइंट हैं, जहां पर यातायात पुलिस की तैनाती रहती है। ज्यादातर स्थानों पर पुलिस का फोकस वाहनों के चालान पर रहता है। औसतन एक माह के भीतर पांच से छह हजार वाहनों का चालान किया जाता है। इससे सरकारी खजाना भी भर जाता है। संवाद
बोले व्यापारी
जाम की समस्या मुख्य रूप से शहर के व्यस्ततम बाजारों में है, जिसके लिए रूट प्लान बनाकर वन साइड ट्रैफिक चलाने की व्यवस्था करना चाहिए एवं वाहन पार्किंग बनना बहुत जरूरी है। समय-समय पर इसको लेकर मांग उठाई जाती है। इसके बाद भी समाधान नहीं होता। -शैलेंद्र शर्मा, जिलाध्यक्ष, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल
व्यापार मंडल के पदाधिकारियों के साथ ट्रैफिक पुलिस की भी मासिक बैठक होना जरूरी है, ताकि समय के अनुकूल यातायात व्यवस्था की सुचारू हो सके। -मोहम्मद शाहिद शमसी, जिला महामंत्री, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल
ट्रैफिक सिस्टम का कोई रूट प्लान नहीं है। पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं है। शहर के मुख्य बाजारों में बैरिकेडिंग नहीं है। ट्रैफिक पुलिस की व्यवस्था नहीं है। शहर के मुख्य बाजारों को जाम ने त्रस्त कर रखा है। जरूरत सुधार करने की है। -उजैर अहमद शमसी
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बाजार में पुलिस नहीं है। सब्जी व फलों के ठेलों की वजह से जाम लगा रहा है लेकिन बदनाम दुकानदारों को किया जाता है। कोई पुलिस पेट्रोलिंग भी नहीं करता जो पुलिस है वह मोबाइल में व्यस्त रहते हैं। -मोहसिन खां
शहर में जाम की समस्या गंभीर समस्या है, जिससे व्यापार पर भी बहुत बड़ा असर पड़ता है। जाम की समस्या का निजात होना चाहिए और प्लान बनाकर ई-रिक्शा को लेकर प्लान तैयार किया जाना चाहिए। -अवतार सिंह
नो एंट्री के बावजूद भी भारी वाहनों का चलना और कोई व्यवस्थित पार्किंग का न होना जाम का कारण बनता है। स्कूलों की छुट्टी के समय जाम से निपटने की कोई योजना नहीं है। इस पर भी काम होना चाहिए। -राम गुप्ता
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शहर में जाम की समस्या ने लोगों को परेशान कर दिया है। इस पर समाधान होना चाहिए। लोगों को दिक्कत होती है। पुलिस इसको लेकर प्लान तैयार करे। -फैसल हबीब शमसी