वेतन विसंगति, मैनुअल स्टेटमेंट समेत तीन मांगों के निस्तारण को लेकर वाणिज्य कर सेवा संघ से जुड़े अफसरों ने सोमवार को कार्य बहिष्कार किया। अधिकारियों ने कार्य से विरत होकर सामूहिक अवकाश किया और प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। अधिकारियों के सामूहिक अवकाश के कारण रिटर्न जमा करने आए व्यापारियों को परेशानी उठानी पड़ी। सचल दल की कार्रवाई भी नहीं हो सकी।
उत्तर प्रदेश वाणिज्य कर सेवा संघ के बैनर तले वाणिज्य कर अधिकारी कार्यालय पर एकत्र हुए। यहां पर अधिकारियों ने समस्याओं पर चर्चा करते हुए उनके निराकरण न होने पर रोष जताया।
अधिकारियों ने मांगों के निस्तारण न होने पर एक दिवसीय सामूहिक अवकाश करते हुए विभागीय कार्य नहीं किए। हालांकि इस दौरान लिपिकीय व अन्य वर्ग के कर्मियों ने विभागीय कार्य किए। संगठन के जोनल कार्यकारिणी सदस्य असिस्टेंट कमिश्नर अफसर हुसैन के नेतृत्व में अधिकारियों ने प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा। जिसमें वाणिज्य कर विभाग के अधिकारियों की वेतन विसंगति दूर करने, राजस्व संग्रह कमी पर अधिकारियों के खिलाफ की जा रही दंडात्मक कार्रवाइयों को समाप्त करने और समस्त विभागीय कार्य ऑनलाइन होने के कारण मैनुअल स्टेटमेंट समाप्त करने की मांग की गई।
ज्ञापन पर डिप्टी कमिश्नर खंड 3 एसके वाजपेयी, असिस्टेंट कमिश्नर खंड 3 सिद्धार्थ शंकर शाही, असिस्टेंट कमिश्नर सचल दल रतिदेव सिंह, असिस्टेंट कमिश्नर खंड 2 सगीर अहमद खान और वाणिज्य कर अधिकारी विकास चंद्रा के नाम हैं।