रामपुर। एचआईवी-एड्स की रोकथाम को लेकर अब जागरूकता कार्यक्रम होते नहीं दिखते। विश्व एड्स दिवस पर कार्यक्रमों की औपचारिकता निभा दी जाती है। जबकि कोरोना और डेंगू काल में भी एड्स के मामले लगातार बढ़े हैं। न तो सरकारी और स्वास्थ्य विभाग के स्तर पर एड्स की रोकथाम को जागरूकता के पर्याप्त कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं और न ही लोग इसको लेकर सावधानी बरत रहे हैं। नतीजतन लगातार एड्स के मामले सामने आ रहे हैं, मौजूदा वर्ष में अप्रैल से अब तक 51 नए एचआईवी संक्रमितों की पुष्टि हो चुकी है। जबकि तीन संक्रमितों की मौत भी हो चुकी है।
कोरोना काल में भी एचआईवी संक्रमण का दायरा बढ़ा है। ये बात जिले में पिछले पांच साल के आंकड़े बयां कर रहे हैं। एचआईवी-एड्स की रोकथाम और लोगों को जागरूक करने के लिए जिस प्रकार कुछ साल पहले तक कवायदें होती थीं वो अब दिखाई नहीं देतीं। लोग भी लापरवाही बरत रहे हैं, नतीजतन जिले में लगातार एचआईवी संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं।