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Rampur News: कोर्ट में नहीं मिली वकीलों को एंट्री, जिला जज से शिकायत

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रामपुर। सपा नेता आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम की कोर्ट में पेशी के समय सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे। वकीलों को भी पुलिस ने एंट्री नहीं दी। जिस पर वे भड़क गए और उन्होंने मामले की शिकायत जिला जज सत्यप्रकाश त्रिपाठी से की। वकीलों की शिकायत के बाद एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट ने भी सीओ को बुलाकर नाराजगी जताई।सपा नेता आजम खां से जुड़े दो मामलों में शनिवार को फैसला आना था। इसके लिए कचहरी परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पेशी से पहले ही पुलिस ने वकीलों को भी कोर्ट से दूर रखा। जिस पर वकीलों में गुस्सा छा गया। कोर्ट में एंट्री न दिए जाने पर गुस्साए वकील सीधे जिला जज से मिले और पूरे मामले की शिकायत की।
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वकीलों का कहना था कि उनके केस भी लगे हुए हैं, जिसकी वजह से वह अपने मामलों की पैरवी नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने इस मामले में कार्रवाई की मांग की है। वकीलों की शिकायत के बाद जिला जज के आदेश पर सपा नेता आजम खां से जुड़े पांच वकीलों को कोर्ट में जाने की अनुमति दी। इसके बाद वकील पहुंचे तो पुलिस ने फिर उन्हें रोक दिया। इसके बाद जिला जज ने अपने पेशकार को भेजकर वकीलों की एंट्री कराई। साथ ही दूसरी अदालतों में काम करने वाले वकीलों को कोर्ट में नहीं घुसने दिया, जिस पर वकीलों की पुलिस से झड़प होती रही।
शाम चार बजे के बाद आजम खां के वापस सीतापुर और अब्दुल्ला के हरदोई जाने के बाद वकीलों को एंट्री दी गई। मामला एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट पहुंचा। जिस पर कोर्ट ने सीओ को बुलाकर वकीलों को एंट्री न दिए जाने पर नाराजगी भी जाहिर की। इससे पहले सुबह से ही कोर्ट परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया गया था। वकीलों के साथ ही वादकारियों को भी कोर्ट में पुलिस ने नहीं जाने दिया। जिससे लोगों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा। पुलिस अधीक्षक राजेश द्विवेदी ने भी कोर्ट परिसर पहुंचकर मौका मुआयना किया और अफसरों को दिशा-निर्देश दिए।
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दूसरे गेट से दी आजम को कोर्ट में एंट्री
पुलिस-प्रशासन ने भीड़ से बचने के साथ ही मीडिया कर्मियों से बचाने के लिए ऐन मौके पर अपना प्लान बदल दिया। पुलिस की टीम ने जौहर अली रोड स्थित कोर्ट के मुख्य गेट से ही सपा नेता आजम खां, उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खां को एंट्री दी, जबकि सामान्य तौर पर आरोपियों की पेशी कलक्ट्रेट से होकर कोर्ट में कराई जाती है।
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