रामपुर। एसआईआर के तहत गलत जानकारी देने के मामले में महिला व विदेश में रहने वाले बेटों के खिलाफ दर्ज मामले की तफ्तीश सुस्त गति से चल रही है। इस मामले में पुलिस सुबूत जुटाने में लगी है। हालांकि पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस मामले की तफ्तीश को पूरा कर लिया जाएगा।
मामला सिविल लाइंस कोतवाली क्षेत्र का है। दिसंबर माह में एसआईआर के तहत बीएलओ और सुपरवाइजरों ने मतदाताओं के गणना प्रपत्र भरवाए थे। इस दौरान एक महिला ने विदेश में रहने वाले दो बेटों के फाॅर्म एसआईआर के तहत गलत जानकारी देने के बाद भर दिए थे, जिस पर ज्वाला नगर क्षेत्र के सुपरवाइजर दिनेश कुमार ने सिविल लाइंस थाने में छह दिसंबर को आमिर व दानिश के साथ ही उनकी मां के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
मुकदमे में आरोप लगाया गया था कि विदेश में रहने के बाद भी वोट बनवाने का प्रयास किया गया साथ ही फर्जी तरीके से हस्ताक्षर भी किए गए। सुपरवाइजर का कहना था कि दानिश कुवैत और आमिर दुबई में रहता है। दोनों के गणना प्रपत्र उनकी मां नूरजहां ने भरे थे और उनके हस्ताक्षर भी स्वयं कर दिए थे। इस मामले में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
प्राथमिकी दर्ज होते ही तमाम संगठन भी सक्रिय हो गए थे। साथ ही यह मामला राज्यसभा तक में उठाया गया। इस बीच पुलिस के मामले की जांच अभी जारी है। हालांकि विवेचना की रफ्तार काफी धीमी है क्योंकि अभी इस मामले में पुलिस को कोई ठोस सुबूत नहीं मिल पा रहे हैं। सिविल लाइंस थाना प्रभारी संजीव कुमार के अनुसार इस मामले में पुलिस की विवेचना जारी है। विवेचना का काम जल्द ही पूरा करा लिया जाएगा।
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आप ने राज्यसभा में उठाया था सवाल
रामपुर। एसआईआर मामले में विदेश में रहने वाले दो बेटों व मां के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराए जाने का मामला तूल पकड़ गया था। आप नेता संजय सिंह ज्वाला नगर निवासी नूरजहां के घर पहुंचे थे जहां उन्होंने संवेदना जताई थी। इसके बाद उन्होंने राज्यसभा में भी यह मुद्दा उठाया था। संवाद