रामपुर। मसवासी में दहेज उत्पीड़न और घरेलू हिंसा के मामले में पुलिस ने पीड़िता की तहरीर पर पति समेत तीन ससुरालियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मसवासी के मोहल्ला चाऊपुरा निवासी गरिमा शर्मा ने कोतवाली में दी तहरीर में बताया कि उनका विवाह पांच अगस्त 2022 को हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार नोएडा, गौतमबुद्धनगर निवासी संजीत प्रसाद के साथ हुआ था। विवाह में उनके माता-पिता ने घरेलू सामान सहित लगभग 15 लाख रुपये खर्च किए थे। आरोप है कि विवाह के बाद पति संजीत प्रसाद, सास रेनू देवी और ननद प्रीति कुमारी दहेज से संतुष्ट नहीं थे और प्लॉट खरीदने के लिए 20 लाख रुपये की अतिरिक्त मांग करने लगे।
पीड़िता का आरोप है कि शादी के दो माह बाद ही करीब आठ तोला सोने के जेवरात उतरवाकर रख लिए गए। मई 2025 में ससुरालियों ने 20 लाख रुपये लाने की शर्त पर मारपीट कर पीड़िता को मायके भेज दिया। कुछ समय बाद सितंबर 2025 में वह ससुराल लौटी, लेकिन उत्पीड़न जारी रहा। आरोप है कि बीते वर्ष 27 दिसंबर को ससुरालियों ने एक राय होकर पीड़िता के गले से मंगलसूत्र छीन लिया, उसके पुत्र दिव्यांश को अपने पास रख लिया और उसे घर से निकाल दिया। पीड़िता किसी तरह मायके पहुंची और परिजनों को पूरी घटना बताई।
पुलिस ने तहरीर के आधार पर पति, सास और ननद के खिलाफ दहेज उत्पीड़न समेत संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है। चौकी प्रभारी अजय कुमार शुक्ला ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।