रामपुर। सपा नेता आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम से जुड़े दो पैन कार्ड मामले की शुरुआत वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव के दौरान हुई थी। अब्दुल्ला आजम के नामांकन पत्र को लेकर उठे विवाद के बाद यह मामला राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया था। आरोप था कि अब्दुल्ला आजम के पास दो पैन कार्ड और दो पासपोर्ट थे। भाजपा विधायक आकाश सक्सेना ने इस मामले को लेकर शिकायतें कीं और संबंधित दस्तावेज जुटाने के लिए करीब दो साल तक प्रयास किया।
भाजपा विधायक आकाश सक्सेना के अनुसार, मामले की जानकारी सामने आने के बाद उन्होंने संबंधित अधिकारियों और चुनाव आयोग से कई बार शिकायत की, लेकिन उन्हें अपेक्षित जानकारी नहीं मिल सकी। इसके बाद उन्होंने सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत दस्तावेज जुटाने का प्रयास किया। आकाश सक्सेना का कहना है कि मामले से संबंधित कागजात और सूचनाएं एकत्र करने में करीब दो साल लग गए। इसके बाद उन्होंने कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई। दो पैन कार्ड से जुड़े इस मामले में सुनवाई के बाद आजम खां और अब्दुल्ला आजम को सात-सात साल की सजा सुनाई गई थी। विदित हो कि दो पैन कार्ड मामले में सजा सुनाए जाने के बाद सपा नेता आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम 17 नवंबर 2025 से रामपुर जेल में बंद हैं।
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जमानत के खिलाफ दायर करेंगे अपील : आकाश
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर। सपा नेता आजम खां की जमानत का आदेश अभी रामपुर नहीं पहुंच सका है, लेकिन इससे पहले ही दो पैनकार्ड मामले के वादी शहर विधायक आकाश सक्सेना ने उनकी जमानत के फैसले को चुनौती देने के लिए ताल ठोक दी है। उन्होंने कहा कि वह कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं, लेकिन इस फैसले के खिलाफ वह अपील दायर करेंगे, क्योंकि दोनों के खिलाफ पुख्ता सुबूत पेश किए जा चुके हैं।