रामपुर। जिले की महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आर्थिक आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम कर रही हैं। तहसील शाहबाद के पटरिया गांव की दस महिलाओं ने छह लाख रुपये का ऋण लेकर डिटर्जेंट पाउडर निर्माण का काम शुरू किया है। सीमित संसाधनों के बावजूद समूह की मेहनत अब रंग लाने लगी है।
समूह की अध्यक्ष सीमा यादव ने बताया कि उनके पति बिजलीघर में संविदा कर्मचारी हैं। परिवार का खर्च चलाना लगातार कठिन होता जा रहा था। ऐसे में स्वयं सहायता समूह की जानकारी मिलने पर उन्होंने गांव की हनी, दुर्गावती, रीना, इंद्रवती, लज्जावती, रीकेश, अनीता और नीतू सहित अन्य महिलाओं को साथ जोड़कर स्वरोजगार की पहल की। महिलाओं ने लखपती दीदी योजना से छह लाख रुपये का ऋण प्राप्त कर डिटर्जेंट पाउडर का उत्पादन शुरू किया। तैयार उत्पाद की स्थानीय बाजारों और आसपास के गांवों में बिक्री की जा रही है। इससे नियमित आमदनी का रास्ता खुला है और महिलाओं का आत्मविश्वास भी बढ़ा है। सीमा यादव ने बताया कि फिलहाल होने वाली बचत से ऋण की किस्तें समय पर चुकाई जा रही हैं। उनका कहना है कि कारोबार लगातार बढ़ रहा है और भविष्य में उत्पादन व बिक्री का दायरा बढ़ाकर समूह की सभी महिलाओं की आय में और वृद्धि करने का लक्ष्य है।