रामपुर। जिले को सब नेशनल सर्टिफिकेट (एसएनसी) के लिए नामित होने के बाद शुक्रवार को स्वास्थ्य कर्मियों को ब्लॉक एवं शहरी क्षेत्र में चुने गए वार्ड और गांवों में टीबी रोगियों की पहचान करने के लिए टीमों को रवाना किया गया। टीमों को सीएमओ ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
केंद्र सरकार ने वर्ष 2025 तक भारत को टीबी से मुक्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से विभिन्न प्रकार से प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से शुक्रवार से एक अभियान चलाया जाएगा। अभियान में टीबी के मरीजों को चिह्नित कर उपचार किया जाएगा। शुक्रवार को रोगियों की पहचान करने के लिए बनाई गई टीम को सीएमओ डॉ. एसपी सिंह ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। क्षय रोग अधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि जिले में 15 टीमें बनाई गई है। जो घर-घर जाकर टीबी के लक्षण वाले रोगियों की खोज करेगी और बलगम का नमूना एकत्रित कर निकट के सीबी नॉट और ट्रू नॉट लैब द्वारा जांच कराएगी। जांच में टीबी घोषित होने पर उन रोगियों का तत्काल टीबी का उपचार शुरू किया जाएगा। इसके लिए जिले में भगवंतनगर, दढ़ियाल मुस्तकम, मसवासी, सकतुवा, अलीपुर थाका, सहरिया ज्वाहर,लालूनगला, नीसवी, वगरव्वा, कनकपुर, सराई महेश, अनवा, मुबारकपुर रजपुरा, क्रमचा, वार्ड नंबर 39 और 40 को शामिल किया गया है। इस मौके पर कामरान रहमत, अखलाक, तैयब, धमेंद्र आदि लोग मौजूद रहे।