पिता की डांट ने एक चाय बेचने वाले को फिल्म निर्माता बनने तक की राह प्रशस्त कर दी। नगर के एक युवक ने भजन गायक के प्रोग्राम देखने की जिद पर पिता द्वारा लगाई डांट ने उसे फिल्मी दुनिया की ओर मोड़ दिया। 18 साल के संघर्ष के बाद चाय बेचने वाले युवक को कामयाबी मिली और उसकी पहली फिल्म फीमेल एक्सप्रेस शुक्रवार को रिलीज हुई है। फीमेल एक्सप्रेस नगर के एक सिनेमा घर में भी प्रदर्शित की जा रही है। रामपुर से जुड़ी फिल्म को लेकर दर्शकों में भी उत्साह है।
नगर के डायमंड सिनेमा हॉल में प्रदर्शित हुई फीमेल एक्सप्रेस फिल्म का रामपुर से भी कनेक्शन है। फिल्म निर्माता राकेश राज सैनी रामपुर के गंगापुर मोहल्ले के रहने वाले हैं। जिनके फिल्म निर्माता बनने तक का सफर काफी संघर्ष भरा है। राकेश राज सैनी बताते हैं कि साल 1998 में नगर में भजन गायक नरेंद्र चंचल का कार्यक्रम था। जिसे देखने की वह जिद कर रहे थे।जिस पर उनके पिता ने डांटते हुए थप्पड़ जड़ दिया और कहा कि दूसरे को देखने में समय बर्बाद करने से अच्छा खुद इस काबिल बनो की लोग तुम्हें देखें।
राकेश बताते हैं कि उन दिनों वह चाय बेचते थे और पिता की इस डांट के बाद मुंबई चले गए। इसके बाद लगातार संघर्ष करते हुए साल 2007 में पोलियो अभियान को लेकर बनाई गई उनकी एक डाक्यूमेंट्री लखनऊ दूरदर्शन पर प्रसारित हुई। इसके बाद उन्होंने दो टेलीफिल्म भी बनाईं। फिल्म बनाने की उनकी हसरत फीमेल एक्सप्रेस के रूप में पूरी हुई। जो कि शुक्रवार को सिनेेमाघरों में रिलीज हुई है। जो कि नगर के डायमंड सिनेेमा में भी चल रही है।