राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग की सदस्य मंजू दिलेर के सवालों पर नगर पालिका के अफसरों की बोलती बंद हो गई। उन्होंने पूछा कि पालिका के तमाम कर्मचारी जौहर यूनिवर्सिटी में क्यों लगे हैं, लाखों की सफाई मशीन कहां गायब है, इसका जवाब अफसर नहीं दे सके। नाराज अध्यक्ष ने इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए जांच कराने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने के आदेश दिए।
राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग की सदस्य मंजू दिलेर मंगलवार को रामपुर में थीं। उन्होंने कलक्ट्रेट सभागार में नगरपालिका परिषदों के अध्यक्षों, अधिशासी अधिकारियों एवं सफाई कर्मचारियों के साथ बैठक की। कहा कि अधिकारी एवं कर्मचारी अपनी कार्यशैली में बदलाव लाकर वर्तमान सरकार की अपेक्षाओं, नीतियों एवं मंशा के अनुरूप कार्य करें। ऐसा न होने पर अफसरों के साथ कर्मचारियों पर भी कार्यवाही हो सकती हैं।
इस दौरान सबसे ज्यादा शिकायतें रामपुर नगर पालिका परिषद की सामने आईं। शिकायत आई कि रामपुर नगर पालिका के सफाई कर्मियों को यूनिवर्सिटी में तैनात कर रखा है। इसके साथ ही पालिका की लाखों की सफाई मशीन पूरी तरह गायब है। इस दौरान इस मशीन के जौहर यूनिवर्सिटी में भी होने की बात कही गई जिस पर सदस्य का पारा चढ़ गया। उन्होंने कहा कि पालिका के सफाई कर्मचारियों को यदि किसी निजी विश्वविद्यालय लगाया गया है तो उनके विरुद्ध कार्रवाई करके एक सप्ताह के अंदर मुझे अवगत कराया जाए। रामपुर पालिकी द्वारा खरीदी गई सफाई मशीन भी नहीं दिख रही है। इस पर भी रिपोर्ट तलब की है।
उन्होंने सभी निकाय अधिकारियों को वाजिब शिकायतों के निस्तारण करने के निर्देश दिए। प्रत्येक माह में स्वास्थ्य शिविर के जरिए आवश्यक उपचार भी उपलब्ध कराने को कहा। श्रीमती दिलेर ने कहा कि मलिन बस्तियों में बारात घर एवं शादी विवाह हेतु बैंकों से लोन की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए। सफाई कर्मियों को को ई-पेमेंट के माध्यम से भुगतान किया जाए। प्रभारी जिलाधिकारी एमपी सिंह ने बैठक में समस्याओं के निस्तारण का आश्वासन दिया। इस मौके पर एडीएम प्रशासन उमेश मंगला, भाजपा के क्षेत्रीय महामंत्री सूर्य प्रकाश पाल आदि मौजूद रहे।