रामपुर। बारिश एवं नदियों का जलस्तर बढ़ने की वजह से किसानों की फसलों को हुए नुकसान का आंकलन शुरू हो गया है। अपर जिलाधिकारी के आदेश के बाद तहसील सदर, बिलासपुर, शाहबाद एवं स्वार में सर्वे चल रहा है, जबकि टांडा एवं मिलक उप जिलाधिकारी को सर्वे कराने के आदेश नहीं मिले हैं। इस सर्वे के बाद प्रभावित किसानों को मुआवजा दिलाया जाएगा, जिससे उन्हें कुछ राहत मिल सके।
पहाड़ी एवं मैदानी इलाकों में कुछ दिन पूर्व हुई बारिश और कोसी नदी में आए पानी से कोसी नदी के किनारे के खेतों की फसलें चौपट हो गईं। जबकि, मेंथा और मक्का की फसल को भी काफी नुकसान हुआ है। कई किसानों के खेतों में मेंथे की फसल पानी में डूब गई, जबकि मिर्च की फसल को भी हानि हुई है। ऐसे में फसलें खराब होने की वजह से किसान परेशान हैं। प्रशासन ने किसानों को राहत दिलाने के लिए नष्ट या फिर खराब हुई फसलों का सर्वे कराना शुरू कर दिया है। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व रामभरत तिवारी के आदेश के बाद तहसील सदर, बिलासपुर, स्वार एवं शाहबाद में किसानों को चिह्नित कर उनकी खराब फसलों का रकबा एवं फसल का प्रकार के बारे में जानकारी की जा रही है। सर्वे करने का काम लेखपालों के स्तर पर किया जा रहा है। सर्वे पूरा होने के बाद एसडीएम के माध्यम से रिपोर्ट डीएम को भेजी जाएगी और फिर प्रभावित किसानों को मुआवजा प्राप्त हो सकेगा। वहीं, उप जिलाधिकारी मिलक एवं टांडा को एडीएम के आदेश प्राप्त नहीं हुए हैं, जिसके चलते उनके क्षेत्र में सर्वे का कार्य शुरू नहीं हो सका है। दोनों तहसीलों के उप जिलाधिकारियों ने बताया कि आदेश प्राप्त होते ही खराब हुई फसलों का सर्वे शुरू करा दिया जाएगा।