तालाब में उतराता मिला था शुएब का शव
शोएब कक्षा सात का छात्र था। शोएब ने अपने परिजनों से कहा कि आप घर चले जाएं, मैं थोड़ी देर में आ जाऊंगा। जब काफी देर तक शुऐब नहीं पहुंचा तो परिजनों को चिंता हुई और उसकी तलाश शुरू कर दी। सोमवार सुबह ग्रामीणों ने गांव स्थित एक तालाब में शुएब का शव उतराता देखा। उन्होंने परिजनों के साथ ही पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद परिजन भी मौके पर आ गए। पुलिस ने शव जब बाहर निकलवाया तो उसके गले और गर्दन में चोट के निशान देखकर परिजन हत्या का आरोप लगाने लगे।
गला दबाकर की गई हत्या
पुलिस ने किसी तरह से मामले को शांत कराकर शव का पोस्टमार्टम कराया। देर शाम जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई तो उसमें गला दबाकर हत्या की बात की पुष्टि हो गई। एएसपी अनुराग सिंह ने बताया कि हत्या कर शव तालाब के पास फेंका गया है। पीएम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या की पुष्टि हुई है। पुलिस सभी एंगल से जांच कर रही है। अभी परिजनों की तरफ से तहरीर नहीं मिली है। तहरीर के आधार पर केस दर्ज किया जाएगा।
तालाब किनारे पड़ी मिलीं चप्पलें
रात भर तलाश करने के बाद सोमवार सुबह करीब गांव के कुछ किशोर तालाब की ओर गए। वहां आम के पेड़ के नीचे चप्पलें पड़ी देख उन्हें संदेह हुआ। पास जाकर देखा तो एक किशोर का आधा धड़ तालाब में उतराता दिखा, जबकि पैर बाहर थे। शोर मचाने पर अन्य ग्रामीण मौके पर पहुंचे और शव को बाहर निकाला।
मां बोली रात को दोबारा नहीं जाने देती तो बच जाती जान
शुएब रात 10 बजे वापस आया था। इसके बाद वह कपड़े बदलकर वापस डीजे पर नाचने चला गया। देर रात मां की नींद डेढ़ बजे टूटी, इसके बाद जब शुएब नहीं दिखा तो मां ने मस्जिद पहुंचकर रात दो बजे एलान कराया। इसके बाद भी शुएब नहीं मिला। शहजादनगर एसओ कुलदीप सिंह ने बताया कि पुलिस जांच में मां ने बताया है कि रात 10 बजे शुएब के कपड़ों पर खाना गिर गया था। वह रात को घर आया और बोला कि मां मैं कपड़े बदलकर वापस जा रहा हूं। थोड़ी देर में आ जाऊंगा। मां ने रोते हुए बताया कि उस समय मैं उसे रोक देती तो आज शुएब हमारे बीच होता। एसओ ने बताया कि जांच में पुरानी रंजिश सामने आ रही है। शुएब तीन भाई थे। वह सबसे छोटा था।