सरकार की वादा खिलाफी के खिलाफ दूसरे दिन कर्मचारियों ने लोक निर्माण विभाग के दफ्तर में ताले लगा दिए और प्रदर्शन किया। इसी तरह जिला विद्यालय निरीक्षक दफ्तर के समक्ष भी कर्मियों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। वहीं देर शाम लखनऊ में इसको लेकर समझौता हो गया, जिसके बाद कर्मचारियों ने हड़ताल वापस लेने की घोषणा कर दी। यानि अब शुक्रवार को कलमबंद हड़ताल नहीं रहेगी।
सरकार की वादा खिलाफी के खिलाफ कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति की ओर से प्रांतीय आह्वान पर चल रहा आंदोलन गुरुवार को भी जारी रहा। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के आह्वान पर कर्मचारियों ने दफ्तरों में भ्रमण किया और कलम बंद हड़ताल का जायजा लिया। इस दौरान कर्मचारी नेताओं ने हड़ताल की सफलता का आह्वान किया। गुरुवार को दोपहर के वक्त कर्मचारी लोक निर्माण दफ्तर पहुंच गए,जहां उन्होंने प्रदर्शन करते हुए दफ्तर में ताले लगा दिए।
इसके बाद कर्मचारी जिला विद्यालय निरीक्षक के दफ्तर में एकत्र हुए जहांकर्मचारी अपनी मांगो को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। इस दौरान कहा कि मांगो को कर्मचारियों की समस्याओं का निस्तारण नहीं हो रहा है,जिससे कर्मचारियों में आक्रोश है। कहा कि रैली में विभिन्न कर्मचारी संगठनों के साथ ही शिक्षक संगठनों के लोग मौजूद रहे।
इस मौके पर परिषद के जिलाध्यक्ष एनपी सिंह, पवन सक्सेना, परवेज अहमद, दिलीप कुमार, पन्ना लाल सैनी, सुनील पवार, भगवान दास, अरविंद श्रीवास्तव, अनिल कुमार, जितेंद्र सिंह, दिलशाद, जयदेव सिंह, राकेश कुमार, रविकांत सक्सेना, विपिन कुमार सिंह, कुलदीप सक्सेना, दीपक शर्मा, राकश,वीरसिंह, हरीश कुमार,पन्ना लाल, अमर सिंह, अंतरप्रीत सिंह, विजयपाल सिंह, रागिनी सक्सेना, हरीश बड़ोला, वेद प्रकाश मिश्रा आदि मौजूद रहे।