रामपुर। लगातार दो दिन तक सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की हड़ताल होने की वजह से रामपुर में सौ करोड़ से अधिक का कारोबार प्रभावित रहा। ग्राहकों का लेनदेन नहीं हो सका। वहीं, रविवार को साप्ताहिक अवकाश की वजह से बैंक बंद रहेंगे। ऐसे में ग्राहकों को तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
बैंक कर्मचारी वेतन वृद्धि समेत तमाम मांगों को लेकर लंबे समय से आंदोलित हैं। लेकिन सरकार बैंक कर्मियों की समस्याओं का समाधान नहीं करा रही है। इसी वजह से बैंक कर्मियों ने हड़ताल का एलान कर दिया था, जिसके चलते शुक्रवार और शनिवार को बैंक बंद रहे। दोनों ही दिनों में जिले में बड़े पैमाने पर कारोबार प्रभावित रहा। बैंक अफसरों की मानें तो दोनों ही दिन सौ करोड़ रुपये से अधिक का लेनदेन बाधित हुआ। ग्राहकों के जरूरी कार्य भी नहीं हो सके। इसके साथ ही रविवार को भी साप्ताहिक अवकाश की वजह से बैंक बंद रहेंगे। ऐसे में तीसरे दिन भी ग्राहकों का लेनदेन नहीं हो सकेगा।
उधर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन की रामपुर यूनिट के बैनर तले बैंक अधिकारी एवं कर्मचारी शाहबाद गेट स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा पर एकत्र हुए। इसके बाद नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। संयोजक एमके चौहान ने कहा कि बैंक यूनियन के बीच सरकार से 15 प्रतिशत वेतन वृद्धि का समझौता हुआ था। यह समझौता नवंबर 2017 में हुआ था, लेकिन इसके बाद भी लागू नहीं किया गया है। सरकार के ढुलमुल रवैये की वजह से बैंक कर्मियों की समस्याएं जस की तस हैं। सह संयोजक जगमोहन अग्रवाल ने कहा कि सरकार को बैंक अधिकारियों एवं कर्मचारियों की समस्याओं का तत्काल निराकरण कराना चाहिए। विमल कपूर ने कहा कि यदि सरकार ने पूर्व समझौते को लागू नहीं किया, तो मार्च में तीन दिन तक बैंकों की हड़ताल निश्चित है। स्टेट बैंक ऑफीसर्स एसोसिएशन के हरिओम सक्सेना ने कहा वित्त मंत्रालय एवं आईबीए (इंडियन बैंक एसोसिएशन) को वार्ता में तीव्रता लाकर कर्मचारियों की समस्याएं निस्तारित करानी होंगी। अन्यथा, कर्मचारियों में सरकार के प्रति आक्रोश बढ़ता ही जाएगा। यूनियन बैंक के आशुतोष गुप्ता ने कहा कि समझौते को ज्यादा नहीं लटकाना चाहिए, क्योंकि इससे कर्मचारियों का हित नहीं है। ऐसे में सरकार को शीघ्र ही समझौता लागू करना चाहिए। इस मौके जेएस राठौर, डीके सिंह, राहुल अग्रवाल, सुजाता चौहान, मान सिंह, अंजली श्रीवास्तव, जीडी जोशी, दीपक कुमार, संदीप कुमार, संजय कुमार आदि मौजूद रहे।