सपा के कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री मोहम्मद आजम खां ने कहा कि न तो उनका किसी भी आतंकी संगठन से ताल्लुक है और न ही कहीं भी वक्फ संपत्ति पर कब्जा किया है। बल्कि एक न्यूज चैनल बेबुनियादी आरोप लगाकर उनकी छवि खराब करने का प्रयास कर रहा है। सरकार बड़े से बड़ा कमीशन बनाकर उनकी जांच करा ले। जांच में अगर कोई भी दोष साबित हो जाए तो वह सख्त से सख्त सजा पाने को तैयार हैं।
एक निजी चैनल को लेकर आजम खां ने सख्त तेवर अपनाए। शिया मौलाना कल्बे जव्वाद, सूबे के राज्यमंत्री मोहसिन रजा और सेंट्रल वक्फ काउंसिल के मेंबर एजाज अब्बास नकवी पर निशाना साधा। उन्होंने शुक्रवार को सपा दफ्तर पर मीडिया के सामने सफाई दी। कहा कि न तो उनका किसी आतंकी संगठन से कोई ताल्लुक है और न ही कहीं भी वक्फ की संपत्ति कब्जाई है। बल्कि एक चैनल बेबुनियाद आरोप लगाकर उनकी छवि खराब करने का प्रयास कर रहा है। इसके लिए चैनल माफी मांगे, वरना वह अदालत जाएंगे। कहा कि यूपी और केंद्र में भाजपा की सरकार है। सरकार बड़े से बड़ा कमीशन बनाकर उनकी जांच करा सकती है। जांच में अगर कोई दोष साबित होता है तो वह सख्त सजा पाने को तैयार हैं।
आजम खां ने कहा कि वक्फ बोर्ड ने गरीब बच्चों की तालीम के लिए वक्फ संपत्ति जौहर ट्रस्ट को दी है। उनका या उनके परिवार के किसी शख्स का वक्फ संपत्ति से कोई मतलब नहीं रखता। कल्बे जव्वाद, मोहसिन रजा और एजाज अब्बास नकवी अंग्रेजों के एजेंट मीर जाफर और मीर सादिक जैसा किरदार अदा कर रहे हैं। तीनों नकवी साहिबान नहीं चाहते हैं कि गरीब बच्चे तालीम हासिल कर सकें। किसी भी सियासी पार्टी ने गरीब बच्चों की तालीम की मुखालफत नहीं की। लेकिन, तीनों नकवी साहिबान गरीबों की तालीम की मुखालफत कर रहे हैं। तीनों तालीम के मिशन को बर्बाद करना चाहते हैं।
खुलासा किया कि कल्बे जव्वाद अपने दामाद को शिया वक्फ बोर्ड का चेयरमैन बनवाना चाहते थे। उनके दामाद पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं, इसलिए उनके दामाद चेयरमैन नहीं बन सके। कल्बे जव्वाद दामाद को चेयरमैन न बनाने पर उनकी मुखालफत कर रहे हैं। आजम खां जज्बाती होकर बोले, उनका दामन पाक-साफ है। वह हर कुरबानी और हर बर्बादी के लिए तैयार हैं।