रामपुर। समाजवादी पार्टी के पूर्व नगराध्यक्ष आसिम राजा के खिलाफ गंज थाने में सीएए-एनआरसी प्रकरण को लेकर दर्ज मामले में सोमवार को उन्होंने अपने अधिवक्ता के माध्यम से कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। उसके बाद उनके अधिवक्ता की ओर से जमानत याचिका दाखिल की गई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट के आदेश पर उन्हें जेल भेज दिया है।
मामला 21 दिसंबर 2019 का है। सीएए और एनआरसी के विरोध में शाहबाद गेट पर सभा बुलाई गई थी। जिसमें जिलेभर के लोग आए थे। इस दौरान बवाल हो गया। बवाल के दौरान बवालियों ने आगजनी, सरकारी संपत्ति को क्षति पहुंचाई। सरकारी कार्य में बाधा डाली। इस दौरान गोली लगने से एक युवक की मौत भी हो गई थी।
इस मामले में कोतवाली एवं गंज थाने में मुकदमे दर्ज किए गए थे। जिसमें गंज थाने में दर्ज मुकदमे में सपा के पूर्व नगराध्यक्ष आसिम राजा को भी आरोपी बनाया गया था। जिसके बाद से ही आसिम खां वांछित चल रहे थे। सोमवार को उन्होंने अपने अधिवक्ता के माध्यम से एसीजेएम तृतीय कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। उसके बाद उनके अधिवक्ता की ओर से जमानत याचिका दाखिल की गई, जिस पर सुनवाई हुई।
अभियोजन की ओर से सहायक अभियोजन अधिकारी पुष्पा यादव ने जमानत का विरोध किया गया। जबकि, बचाव पक्ष की ओर से राजनैतिक रंजिश के चलते झूठा फंसाने का तर्क दिया गया। पुष्पा यादव ने बताया कि दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने आसिम राजा की जमानत याचिका खारिज करते हुए जेल भेज दिया गया है।