सपा के कद्दावर नेता व पूर्व मंत्री मोहम्मद आजम खां ने शिया धर्म गुरु कल्बे जव्वाद पर निशाना साधा। कहा कि उन पर आरोप लगाने वालों में तालीम की कमी है। वक्फ बोर्ड का फैसला आखिरी फैसला होता है। उसमें न मुख्यमंत्री और न ही मंत्री का कोई दखल होता है। वक्फ का कानून शरीयत के कानून से चलता है। कल्बे जव्वाद शिया वक्फ संपत्ति बेचने के मुजरिम हैं।
आजम खां अपने आवास पर पत्रकार वार्ता में शिया धर्म गुरु कल्बे जव्वाद, राज्यमंत्री मोहसिन रजा और सेंट्रल वक्फ काउंसिल के मेम्बर एजाज अब्बास नकवी पर फिर निशाना साधा। कहा जो लोग उन पर वक्फ संपत्ति कब्जाने का आरोप लगा रहे हैं उनमें तालीम की कमी है। इन लोगों को नियम कानून की कोई जानकारी नहीं। वक्फ दो तरह की होती है। एक अलल खैर और दूसरी अलद औलाद। वक्फ का कानून शरीयत के कानून से चलता है।
वक्फ बोर्ड इलेक्शन से चुना जाता है। बोर्ड का फैसला ही आखिरी फैसला होता है। बोर्ड के फैसले में न तो मुख्यमंत्री और मंत्री का कोई दखल होता है। वक्फ संपत्ति के मामले की फाइल भी मंत्री के पास नहीं जाती है। इसके बावजूद उन पर वक्फ संपत्ति कब्जाने का इल्जाम लगाया जा रहा है। कहा कि वक्फ ज्यदाद का इस्तेमाल तालीम के लिए करना बेहतर है। यतीमखाने की जमीन मुतवल्ली के मर्जी पर वक्फ बोर्ड ने गरीब बच्चों के स्कूल के लिए दी है। यतीमखाने की जमीन पर गरीब बच्चों के लिए स्कूल बनवाया जा रहा है।