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सिलईबड़ा प्रकरण: प्रधान के बेटे समेत 20 पर केस, अधिकारियों पर हमला करने और उपद्रव का आरोप, लोगों में गुस्सा

Mon, 04 Mar 2024 10:46 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर

सार

सिलईबड़ा गांव में बवाल के बाद पुलिस ने कार्रवाई करनी शुरू कर दी है। मामले में प्रधान के बेटे समेत बीस लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। एसपी ने बताया कि जांच लगातार जारी है। सिलईबड़ा गांव में सरकारी जमीन को लेकर दो पक्षों के बीच भिड़ंत हो गई थी। इस बीच हुई फायरिंग में एक छात्र की जान चली गई थी। 
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रामपुर के सिलईबड़ा में बवाल के बाद तैनात पुलिस - फोटो : संवाद
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विस्तार
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रामपुर के मिलक क्षेत्र के सिलईबड़ा गांव में दो पक्षों के विवाद के बाद गोली लगने से 10वीं के छात्र सुमेश की मौत के मामले में नया मोड़ आया है। राजस्व विभाग ने महिला ग्राम प्रधान रंजीत कौर के बेटे सरनजीत सिंह उर्फ जीतू और 19 अज्ञात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। इसमें अधिकारियों पर जानलेवा हमला करने, बलवा और सरकारी कार्य में बाधा डालने का आरोप है।

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मिलक क्षेत्र के गांव सिलईबड़ा गांव में 27 फरवरी को सरकारी भूमि पर डाॅ. भीमराव आंबेडकर का बोर्ड लगाने को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए थे। फायरिंग में दलित समाज के हाईस्कूल के छात्र सुमेश की गोली लगने से मौत हो गई थी। परिजनों ने पुलिस की गोली से छात्र की मौत होने का आरोप लगाया था।

जबरदस्त हंगामे के बाद मौके पर पहुंचे कमिश्नर आंजनेय कुमार ने परिजनों को कार्रवाई का आश्वासन दिया था। छात्र के पिता गेंदनलाल की तहरीर पर एसडीएम व तहसीलदार के दो हमराह होमगार्ड, चौकी इंचार्ज सिलईबड़ा, तीन सिपाहियों समेत 25 के खिलाफ हत्या और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।
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वहीं 29 फरवरी को राजस्व निरीक्षक मुकेश सक्सेना की तहरीर पर गांव की महिला प्रधान रंजीत कौर के पुत्र सरनजीत सिंह उर्फ जीतू सहित 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। मुकेश सक्सेना ने तहरीर में लिखा कि सिलईबड़ा गांव में गाटा संख्या-148 राजस्व अभिलेखों में खाद के गड्ढों की सुरक्षित भूमि दर्ज है।

उस भूमि को ग्राम प्रधान द्वारा समतल कराया गया था। उसमें कुछ व्यक्तियों द्वारा रात में मौका पाकर डॉ. भीमराव अंबेडकर का बोर्ड लगा दिया गया। गांव के अन्य जाति के लोगों द्वारा इसकी शिकायत की गई थी। शिकायतकर्ता निर्वेश कुमार द्वारा आईजीआरएस पर दर्ज कराई गई थी।

जिसका निस्तारण 24 फरवरी को किया गया था लेकिन 27 फरवरी को अधिकारी मौके से बोर्ड हटाने गए तो प्रधान के बेटे सरनजीत सिंह उर्फ जीतू के संरक्षण में लोगों ने ईंट, पत्थरों से अधिकारियों पर जानलेवा हमला बोल दिया। इसमे प्रधान के बेटे को मुख्य आरोपी बनाया गया है।

इन गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज

147, 148, 149, 323, 353, 307, 332, 336, आपराधिक कानून अधिनियम की धारा 7, सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम की धारा 2 और धारा 3 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।

प्रकरण में राजस्व निरीक्षक की तहरीर पर ग्राम प्रधान के बेटे समेत 20 पर मुकदमा दर्ज किया गया है। विवेचना कराई जा रही है। जांच में जो भी तथ्य आएंगे, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। - राजेश द्विवेदी, एसपी

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