रामपुर। चंद्रसेन की धर्मशाला में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में कथावाचक पंडित कन्हैया लाल शर्मा ने कहा कि जब जब पृथ्वी पर अत्याचार बढ़ता है। अपने भक्तों की रक्षा करने के लिए भगवान किसी न किसी रूप में अवतार लेकर अपने भक्तों की रक्षा का दुष्टों का नाश करते हैं।
रविवार को कथा के चौथे दिन कथावाचक ठाकुर महाराज ने कहा कि जब जब पृथ्वी पर धर्म की हानि हुई है। भगवान ने अवतार लेकर अपने भक्तों की रक्षा की है। भगवान ने श्रीराम के रूप में अवतार लेकर रावण का संहार किया। वहीं, श्रीकृष्ण के रूप में अवतार लेकर कंस के अत्याचारों से मुक्ति दिलाई। उन्होंने कहा कि अहंकार ही परमात्मा का भोजन है। भगवान पृथ्वी, गाय, ब्राह्मण और संतों की भी रक्षा करते हैं। उन्होंने कथा के दौरान भगवान श्रीराम के जन्म और उनकी लीलाएं व भगवार श्रीकृष्ण जन्म, वामन रूप में राजा बलि से तीन पग भूमि मांगकर अभिमान चूर करने जैसे प्रसंगों का वर्णन किया। पूजन यज्ञमान राजीव अग्रवाल और राजन गुप्ता ने सपत्निक व्यास पूजन किया। अशोक शर्मा, अनुरुद्व कुमार, प्रदीप शर्मा, नरेश शर्मा, पंडित संतोष शर्मा, मोनिका, अनुप्रिया, मोहनी, उमा, सोमबती, भावना, साधना, कंचन शर्मा आदि मौजूद रहे।