टांडा। सिंचाई विभाग के गाटा संख्या 351 को नाली बताकर मंगलवार को पक्की दुकानों और अस्थायी खोखों को ध्वस्त करने के बाद दुकानदारों में आक्रोश बरकरार है। बुधवार को दुकानदारों ने सिंचाई विभाग के खिलाफ कोर्ट की अवमानना करने और उनकी भूमि की बिना पैमाइश कराने के साथ दुकानें तोड़ने का आरोप लगाया। उन्होंने जोरदार प्रदर्शन किया और एसडीएम को ज्ञापन देकर उनकी जमीन की पैमाइश कराने की मांग की।
मंगलवार को भाजपा मंडलाध्यक्ष की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए सिंचाई विभाग ने गाटा संख्या 351 को नाली नॉन जेड ए बताकर 16 अस्थायी खोखे तथा स्थायी दुकानों को प्रशासनिक अमले और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में जमींदोज कर दिया था। उस समय भी मौके पर मौजूद दुकानदारों ने सिंचाई विभाग पर गलत कार्रवाई करने का आरोप लगाया था, लेकिन अधिकारियों ने कोई भी दस्तावेज देखने से इन्कार करते हुए कार्रवाई की थी।
इसके बाद से व्यापारियों में आक्रोश पनप रहा था। बुधवार को बड़ी संख्या में व्यापारी ध्वस्त की गई दुकानों पर इकट्ठा हुए और सिंचाई विभाग के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की और प्रदर्शन किया। व्यापारियों ने बताया कि उन्होंने पांच अप्रैल तक उस जमीन के लिए कोर्ट से स्टे ले लिया था, लेकिन इसके बाद भी सिंचाई विभाग ने उनकी दुकानों को जमींदोज कर उनसे उनका रोजगार छीन लिया।
एसडीएम कुमार गौरव ने बताया कि उन्होंने सिंचाई विभाग और दुकानदारों को बैठक के लिए अपने पास बुलाया है। दोनों पक्षों के कागज देखकर और बात सुनकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।