रामपुर। सौलत पब्लिक लाइब्रेरी के अध्यक्ष शौकत अली खां एडवोकेट का सोमवार को हृदय गति रुकने से 75 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन से राजनैतिक, सामाजिक और साहित्य जगत में शोक है।
शौकत अली खां एडवोकेट का जन्म 11 जून 1946 को रामपुर में हुआ था। उनकी प्राथमिक शिक्षा राजद्वारा में हुई। उन्होंने 1967 में लखनऊ से एलएलबी की डिग्री हासिल की और तब से रामपुर कोर्ट में प्रैक्टिस कर रहे थे। वे रामपुर का इतिहास सहित दर्जनों पुस्तकों के लेखक थे। करीब एक माह पूर्व 24 अक्तूबर को उन्हें सौलत पब्लिक लाइब्रेरी का अध्यक्ष चुना गया था। चार नवंबर को उन्होंने शपथ ग्रहण की थी। लेकिन, बीते दो दिनों से उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं था। सोमवार सुबह आठ बजे उनकी हृदयगति रुकने से उनका निधन हो गया। निधन के वक्त वे अपने राजद्वारा स्थित आवास पर ही थे। जैसे लोगों को उनके निधन की जानकारी मिली, तो घर पर राजनैतिक दलों के नेताओं एवं सामाजिक संगठनों के सदस्यों का पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया।
उनकी नमाज-ए-जनाजा सोमवार शाम को नवाब गेट पर हुई, जिसमें हजारों लोग शामिल हुए। उनका दफन मठवाला कब्रिस्तान में हुआ। शौकत अली खान अपने पीछे दो बेटियां और दो बेटे छोड़ गए हैं। उनके निधन से राजनैतिक, सामाजिक और साहित्य जगत में शोक है। वहीं बार सभागार में शोक सभा का आयोजन हुआ। यहां बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रामऔतार सैनी ने कहा कि अधिवक्ता शौकत अली खां के निधन से अपूर्णनीय क्षति हुई है। इसके बाद जिला जज की कोर्ट में बार और बेंच का कोर्ट रेफरेंस हुआ, जिसमें अधिवक्ता शौकत अली खां के जीवन पर प्रकाश डालते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। इस दौरान राजेंद्र प्रसाद सक्सेना, सतीश चंद्र गुप्ता, मुस्तफा अहमद, रियासत अली, परमसिंह आर्य, रिसालत अली, नरेंद्र यादव, अशोक कुमार गौतम, सतीश कुमार, राहुल कुमार सिंह, पर्वत सिंह आदि अधिवक्ता शामिल रहे।
निधन पर लोगों ने जताया शोक
टांडा। शौकत अली खां के निधन पर लोगों ने सभा का आयोजन कर शोक जताया। नगर के मोहल्ला इमामबाड़ा में आयोजित शोक सभा को संबोधित करते हुए शायर जाहिद टांडवी ने कहा कि शौकत अली खां एडवोकेट का निधन होना उर्दू जुबान और अदब का नुकसान है। इस अवसर पर सनराइज इंटर कॉलेज के संस्थापक मास्टर सईदुज्जफर रहमानी, लईक सैफी, मास्टर हारून आदि शामिल रहे। संवाद