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सौ करोड़ की लागत से बने सीवर सिस्टम की होगी जांच, एडीएम ने डीएम को भेजी रिपोर्ट

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रामपुर में पहाड़ी गेट स्थित शहीदों वाली मस्जिद रोड पर धंसी सीवर लाइन का निरीक्षण करते एडीएम जेपी - फोटो : RAMPUR
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रामपुर। शहर को गंदगी से निजात दिलाने के लिए डाली गई सीवर लाइन जांच की जद में आ गई है। अपर जिलाधिकारी प्रशासन के निरीक्षण के दौरान प्रथम दृष्टया तमाम गड़बड़ियां सामने आई हैं। जिसके बाद एडीएम ने तकनीकी टीम बनाकर जांच की संस्तुति कर दी है। साथ ही अपनी रिपोर्ट भी डीएम को भेज दी है।
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सपा सरकार में सीवर लाइन के प्रोजेक्ट पर काम हुआ था। शहर के दो जोनों में सीवर लाइन डाली गई थी, जिसके बाद उम्मीद थी कि लोगों को अब गंदगी से निजात मिल जाएगी। किन्तु, सौ करोड़ रुपये का सीवर प्रोजेक्ट लोगों के लिए सुविधा की जगह मुसीबत बन गया। शहर में सीवर लाइन धंसने के अक्सर मामले सामने आते रहते हैं। कभी जिला अस्पताल के पास, तो कभी पहाड़ी गेट के पास सीवर लाइन धंस जाती है। सोमवार को ही जल निगम के दफ्तर के पास सीवर लाइन धंस गई थी। इसकी वजह से आधी सड़क जमीन में समा गई। वहीं, दस दिन पहले भी पहाड़ी गेट के पास नई बस्ती में सीवर लाइन धंस गई थी, जिसका जायजा लेने के लिए अपर जिलाधिकारी प्रशासन जगदंबा प्रसाद गुप्ता नगर पालिका के अफसरों के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने देखा, तो वहां की हालत काफी खराब थी। आने जाने के लिए पूरा रास्ता तक नहीं था, जबकि काफी गहरा गड्ढा हो गया था। एडीएम ने अफसरों से जानकारी ली, तो पता लगा कि सीवर लाइन के जोड़ सही से नहीं लगाए गए हैं। इसी वजह से पानी रिसता रहता है, जिसके कारण सीवर लाइन धंस जाती है। ऐसे में एडीएम ने शुरुआती जांच में मिली कमियों के आधार पर पूरे सिस्टम की जांच की संस्तुति कर दी है। उन्होंने अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी है।
ये था प्रोजेक्ट
रामपुर। मुलायम सिंह यादव के नेतृत्व वाली सपा सरकार ने साल 2005 में रामपुर में सीवेज सिस्टम प्रोजेक्ट को मंजूरी दी थी। करीब सौ करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट को पूरा करने की जिम्मेदारी सीएंडडीएस (कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज) को सौंपी गई थी। सीएंडडीएस ने प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए शहर को चार जोन में बांट दिया था। प्रोजेक्ट के तहत पहले जोन नवाब गेट, मिस्टन गंज, जेल रोड, सराफा बाजार, तोपखाना और राजद्वारा आदि क्षेत्र में 65.97 किलोमीटर, जबकि दूसरे जोन शाहबाद, बरेली गेट, हाथीखाना और पुरानागंज आदि क्षेत्र में 78 किलोमीटर सीवर लाइन डाली गई थी। पहले जोन का घाटमपुर और दूसरे जोन का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट केमरी रोड पर पहाड़ी गांव के पास बनाया गया था, लेकिन प्रोजेक्ट चालू होने से पहले ही 2007 में सूबे में सत्ता परिवर्तन हो गया और बसपा की सरकार बन गई। फिर जब 2012 में अखिलेश यादव की सरकार आई, तो इस प्रोजेक्ट पर फिर से काम शुरू हुआ। जोन एक और जोन दो की सीवर लाइन के जोड़ ठीक करने एवं शेष कार्य पूरा करने के लिए शासन ने करीब 15 करोड़ रुपये और जारी किए थे। सपा सरकार के कार्यकाल में निर्माण कार्य तो पूरा हो गया, लेकिन कनेक्शन नहीं हो सके। भाजपा सरकार ने 2017 में अमृत योजना के तहत 17 करोड़ रुपये की लागत से 8000 सीवर चैंबर बनाने के लिए धन जारी कर दिया था, जिसके बाद सीवर चैंबर बना दिए गए।
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सीवर लाइन धंसने की जानकारी मिली थी। ऐसे में हम निरीक्षण के लिए गए थे। वहां तो स्थिति काफी खराब है। हमें प्रथम द़ृष्टतया काफी कमियां मिलीं हैं। सीवर लाइन के जोड़ तक ठीक नहीं किए हैं। ऐसे में इसकी जांच होना जरूरी है। यह जांच तकनीकी टीम बनाकर कराई जानी चाहिए। हमने अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेज दी है।
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- जगदंबा प्रसाद गुप्ता, अपर जिलाधिकारी, रामपुर
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