हस्तलिखित पत्र की लिखावट अंग्रेजी में है। टूटी-फूटी और बिखरी हुई लेखन शैली के बीच पीएम, सीएम, गृहमंत्री का भी जिक्र है। साथ ही सेरिन गैस, पेनड्राइव, नक्शे जैसे शब्दों का भी जिक्र करते हुए लिखा है कि नक्शे व पेनड्राइव धमकी देने वाले को चाहिए। पत्र में संगठन के एजेंटों को गांव के इर्द-गिर्द होना बताया है। पत्रों के साथ मिले लाल कपड़े पर अरबी में कुछ लिखा है, जबकि अलग मिले एक कागज पर उर्दू लिखी है।
रहस्यमय पत्रों की बात तेजी से गांव में फैलने के साथ पुलिस तक पहुंची। शाहबाद के कोतवाल बिजेंद्र सिंह के साथ-साथ मिलक के सीओ धर्म सिंह मार्छल भी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। अलग-अलग चीजों पर अलग-अलग भाषा और बिखरी हुई लिखावट से पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। सारी सामग्री कब्जे में लेकर पुलिस ने पत्रों के रहस्य से परदा हटाने के लिए जांच शुरू कर दी है। इसके पीछे का चेहरा बेनकाब करने के लिए खुफिया टीम को भी लगाया है।
पत्र पर एक जगह 'आप जानते हो कि 2024 में क्या होने वाला है' लिखा होने से लोग इसे आने वाले लोकसभा चुनाव से जोड़कर की गई शरारत के रूप में भी देख रहे हैं।सीओ धर्म सिंह मार्छल ने बताया कि जो सामग्री मिली है, उसकी गोपनीय जांच चल रही है। खुफिया एजेंसी भी लगी है। जांच में जो दोषी मिलेगा उस पर कार्रवाई की जाएगी।
हफ्तेभर पहले नलकूप पर हुई थी करंट फैलाने की कोशिश
अनवा गांव निवासी जिन वीरपाल और भानू प्रताप के नाम रहस्यमय पत्र में इस्तेमाल किए गए हैं, हफ्तेभर पहले उनके नलकूप पर ट्रांसफार्मर से तार जोड़कर पानी के हौज में डाल दिया गया था। इसे करंट के जरिये जान से मारने के प्रयास के रूप में देखा गया था लेकिन किसी से दुश्मनी न होने की बात कहते हुए दोनों ग्रामीणों ने इसकी शिकायत पुलिस से नहीं की थी। अब पत्र मिलने पर उस वाकये की भी चर्चा शुरू हो गई।
पूर्व में भी बिगड़ा गया था गांव का माहौल
कुछ साल पहले अनवा गांव में एक धर्म स्थल पर संरक्षित पशुओं के अवशेष डाल दिए गए थे। इससे गांव का माहौल खराब हो गया था। उस दौरान एक गाड़ी में भी आग लगा दी गई थी। गांव में पुलिस तैनात करके स्थिति संभाली गई थी।
पूरे प्रकरण की गंभीरता से हो रही है जांच-एसपी
अनवा गांव में कुछ ग्रामीणों के यहां धमकी भरे पत्र मिले हैं। क्योंकि पत्र का विषय और ग्रामीणों में कोई सामंजस्य नहीं बैठता, ऐसे में यह किसी की शरारत भी हो सकती है, लेकिन मामला गंभीर है। इसलिए इस पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच कराई जा रही है। जांच अपर पुलिस अधीक्षक को सौंपी गई है। साथ ही इस मामले में खूफिया विभाग और अन्य जांच एजेंसियां भी सक्रिय हैं। जांच में सभी पहलुओं पर ध्यान देने के लिए कहा गया है। जांच के आधार पर ही आगे की कार्रवाई होगी।
- अशोक कुमार शुक्ला, एसपी रामपुर