रामपुर। सहकारी समितियों के सचिवों की वेतन व पदोन्नति की मांग को लेकर हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। कर्मचारियों ने विकास भवन में नारेबाजी कर धरना दिया। सभी सचिवों ने सामूहिक निर्णय लिया कि उनकी मांगे नहीं मानी गईं, तो सचिव दिवाली भी नहीं मनाएंगे। वहीं, समिति सचिवों की हड़ताल की वजह से किसानों को खाद का वितरण भी नहीं हो सका।
संयुक्त सहकारी समिति कर्मचारी समन्वय समिति के बैनरतले सचिव विकास भवन में एकत्र हुए। इसके बाद नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए। प्रांतीय अध्यक्ष जयवीर सिंह ने कहा कि पूरे प्रदेश की समस्त समितियों के कर्मचारी कार्य बहिष्कार पर हैं। ऐसे में सरकार जब तक हमारी मांगे नहीं मानती, तब तक संघर्ष जारी रहेगा और समितियां बंद रहेंगी। सरकार की उपेक्षा के चलते और वेतन नहीं मिलने के कारण समिति के सचिवों व कर्मचारियों में रोष व्याप्त है। लिहाजा इसी वजह से समिति के सचिवों व कर्मचारियों ने इस बार दिवाली नहीं मनाने का निर्णय लिया है। जिला उपाध्यक्ष हरिओम बाबू ने कहा कि बैंक हमें तत्काल अनुदान नहीं देता है। पीसीएफ समितियों को समय से कमीशन, पल्लेदारी, ट्रांसपोर्ट आदि सुविधाएं भी सरकार की ओर से नहीं दी जाती हैं। नतीजतन वेतन बाधित होता है। उन्होंने समितियों के कर्मचारियों को माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों की तरह से वेतन दिलाने एवं पदोन्नति कराने की मांग की है।
इस मौके पर जिलाध्यक्ष राजेश कुमार मौर्य, राजेंद्र शर्मा, सुशील कुमार शर्मा, वीरेंद्र चौहान, विक्रम सिंह, ओमकार सिंह, रामवीर सिंह, वीर सिंह, दुर्गा प्रसाद, वीरपाल गंगवार, महेश कुमार मौर्य, कमर रजा खां, खालिद रजा खां, फिरोज खां आदि मौजूद रहे।