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बच्चो ं! पृथ्वी को बुखार, इसके लिए हम सब जिम्मेदार 

Thu, 16 Mar 2017 12:55 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ रामपुर
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रामपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर बुधवार को पहुंची १६ डिब्बों की साइंस एक्सप्रेस ट्रेन
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लंबी प्रतीक्षा के बाद रामपुर रेलवे स्टेशन पर साइंस एक्सप्रेस ट्रेन  बुधवार को पहुंच गई। यह ट्रेन दो दिन अभी यहां रुकेगी। इसके बाद अगले पड़ाव मुरादाबाद रवाना हो जाएगी। 16 डिब्बों की इस ट्रेन में पहले कोच में घुसते ही बच्चों को तेजी से परिवर्तित होते क्लाइमेट और उसके इफैक्ट्स के बारे में समझाया जाता है। कैसे हमारी पृथ्वी बीमार हो रही है, इसके लिए कौन जिम्मेदार है। इस विज्ञान प्रदर्शनी वाली ट्रेन को बच्चे बड़ी दिलचस्पी के साथ देख रहे हैं। 

साइंस एक्सप्रेस के पहले कोच में जलवायु परिवर्तन को दिखाया गया है। व्यंग्यात्मक तरीके से ग्लोब के मॉडल पर थर्मामीटर लगाकर समझाया गया कि पृथ्वी को बुखार है। यानी इसका तापमान बढ़ रहा है। पौधे और घर पर  प्रभाव और जलवायु परिवर्तन के कारणों को समझाया गया। मगर खास बात यह रही कि बढ़ते तापमान और जलवायु परिवर्तन के लिए मनुष्य को ही जिम्मेदार माना गया क्योंकि वर्तमान में अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए मनुष्य छेड़छाड़ प्रकृति के साथ करता है।
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उसी का यह परिणाम है। देशभर में जलवायु परिवर्तन के प्रति जागरूकता फैलाने और दूरदराज के इलाकों में छात्रों को विज्ञान की आधुनिक चीजों के बारे में  रूबरू कराने के उद्देश्य से साइंस एक्सप्रेस राजधानी दिल्ली से रवाना हुई है। 16 डिब्बों वाली साइंस एक्सप्रेस देश के कोने-कोने में सितंबर 2017  तक जाएगी। साइंस एक्सप्रेस के हर एक डिब्बे की अलग-अलग थीम है और इसके जरिए यह  कोशिश की गई है कि देशभर में पढ़ने वाले बच्चे क्लाइमेट चेंज के हर एक पहलू से रूबरू हो सकें। साइंस एक्सप्रेस को राजधानी दिल्ली में सफदरजंग रेलवे स्टेशन से केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री हर्षवर्धन और पर्यावरण वन और क्लाइमेट चेंज के केंद्रीय मंत्री अनिल माधव दवे ने हरी  झंडी दिखाकर रवाना किया था।
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रिसर्च साइकोलाजिस्ट की टीम दे रही जानकारी ः साइंस  ट्रेन में यंग रिसर्चर और साइकोलॉजिस्ट की टीम रखी गई है। इस टीम  में शामिल रिसर्चर बच्चों से डिस्कशन भी करेंगे। स्टूडेंट्स यह ट्रेन  डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, एनवायर्नमेंट, फॉरेस्ट एंड  क्लाइमेट  चैंज और मिनिस्टरी ऑफ रेलवे की एक जॉइंट कोशिश है। साइंस  एक्सप्रेस के  जरिए क्लाइमेट चैंज से रिलेटेड जानकारी दी जाएगी और उनके  इफैक्ट्स से बचने  के बारे में जानकारी दी गई है। एग्जीविशन में भी जलवायु  परिवर्तन के बारे  में संदेश दिया गया है। इस ट्रेन से क्लाइमेट चैंज के  निगेटिव इफैक्ट के बारे में डिस्कशन करने का मौका मिलेगा। दूसरे डिब्बों में अलग थीम पर बेस्ड  एग्जीबिशन लगाई गई   है। एक डिब्बे को  पूरी तरह से किड्स जोन के रूप में  बनाया गया, जहां बच्चों के लिए गेम्स भी रखे गए हैं।
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