रामपुर। करीब डेढ़ माह पूर्व कारोबारी समीर राजपूत की हत्या के एक आरोपी ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से कोर्ट में जमानत प्रार्थना पत्र दाखिल किया। इस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने जमानत प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया है।
हत्या की वारदात को सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में आठ जनवरी की रात को साढ़े आठ बजे अंजाम दिया गया था। मूल रूप से सैफनी के ग्राम रायपुर का मझरा निवासी समीर राजपूत रामपुर के सिविल लाइंस क्षेत्र में शौकत रोड पर यूनिक बाजार चलाते थे। उनके पिता मित्रपाल का एक मकान मुरादाबाद के थाना कटघर अंतर्गत मोहल्ला आंबेडकर नगर में भी है। घटना की रात समीर अपने दोस्त विशाल के साथ बाइक से शिव विहार कॉलोनी ज्वालानगर की ओर जा रहे थे। रास्ते में किटप्लाई रोड पर दो बदमाशों ने गोली मारकर समीर की हत्या कर दी थी। समीर के पिता मित्रपाल ने दो अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस जांच में फिरोज गांधी का नाम सामने आया था। इसके बाद पुलिस ने फिरोज गांधी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। आरोपी ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से जिला जज की कोर्ट में जमानत प्रार्थना पत्र दाखिल किया। इस पर मंगलवार को सुनवाई हुई। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि अभियुक्त का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है और एफआईआर में भी उसको नामजद नहीं किया गया है। जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी अरुण प्रकाश सक्सेना ने तर्क दिया कि आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर हत्या कराई है और उसके खिलाफ पुख्ता सबूत पत्रावली पर मौजूद हैं। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद प्रभारी जिला जज नीलू मोघा ने आरोपी फिरोज गांधी का जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया।