रामपुर। सीएए-एनआरसी के विरोध में दिसंबर में हुए बवाल की साजिश रचने के आरोप में पुलिस ने शनिवार की सुबह आस्ताना ए आलिया जमालिया के सज्जादानशीन शाह फरहत अहमद जमाली को गिरफ्तार कर लिया। जमाली से पूछताछ के बाद पुलिस ने मजिस्ट्रेट के समक्ष पेशी और मेडिकल करवाने के बाद उन्हें जेल भेज दिया।
21 दिसंबर 2019 को रामपुर में सीएए-एनआरसी के विरोध में ईदगाह में जलसे के आयोजन की घोषणा हुई थी। जलसे पर पुलिस-प्रशासन ने रोक लगा दी थी। बाद में आयोजकों ने भी जलसे को स्थगित कर दिया था, लेकिन तब तक बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर निकल आए थे। उग्र भीड़ ने हाथीखाने चौराहे पर बवाल कर दिया था। पुलिस समेत कई वाहनों में तोड़फोड़ की थी। कुछ वाहनों में आग भी लगा दी थी। पथराव भी किया था। इस बवाल में एक युवक की मौत हो गई थी और पुलिस कर्मियों सहित कई लोग घायल हुए थे।
इस बवाल को लेकर पुलिस ने गंज और कोतवाली थाने में अलग-अलग मुकदमों में सैकड़ों लोगों को नामजद किया था और हजारों अज्ञात की भीड़ दर्शायी थी। पुलिस अब तक लगभग 150 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। 200 आरोपियों पर पुलिस चार्जशीट भी लगा चुकी है। इस प्रकरण में जो मुकदमे दर्ज किए गए हैं उसकी जांच को एसआईटी का गठन किया गया था।
पुलिस के मुताबिक मुकदमों की विवेचना में यह बात सामने आई थी कि बवाल की साजिश आस्ताना ए आलिया जमालिया के सज्जादानशीन फरहत अहमद जमाली ने रची थी। इसके बाद उनका नाम मुकदमों में शामिल करते हुए शनिवार की सुबह उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस लाइन लाकर उनसे पूछताछ की गई। जिला अस्पताल में मेडिकल कराने और मजिस्ट्रेट के समक्ष पेशी के बाद पुलिस ने उनको जेल भेज दिया।
जमाली की गिरफ्तारी की प्रक्रिया के साथ एहतियातन शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर पुलिस की मुस्तैदी बढ़ा दी गई। कुछ स्थानों पर मजिस्ट्रेट भी सक्रिय रहे।
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सीएए-एनआरसी के विरोध में हुए बवाल के मुकदमों की विवेचना के दौरान यह बात सामने आई कि फरहत जमाली इसके मुख्य साजिशकर्ता हैं। इसके बाद उनका नाम मुकदमों में शामिल कर लिया गया था। पुलिस ने शनिवार को उनको गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की कोशिश की जा रही है।
शगुन गौतम, एसपी, रामपुर
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जमाली समेत कई उलमा को जारी किया गया था नोटिस
रामपुर। सीएए-एनआरसी प्रकरण में पुलिस ने फरहत अहमद जमाली समेत छह उलमा को बयान दर्ज कराने के लिए कुछ दिनों पहले नोटिस जारी किया गया था। जमाली ने नोटिस जारी करने का विरोध किया था। इसको लेकर डीएम-एसपी के साथ पिछले दिनों हुई बैठक के दौरान कथित रूप से उनकी एसपी से नोकझोंक हुई थी। बैठक के बाद जमाली ने एसपी पर दुर्व्यवहार के आरोप लगाए थे। बाद में पांच उलमा ने अपने बयान दर्ज करा दिए थे, लेकिन जमाली के बयान दर्ज नहीं हुए थे।
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तौकीर रजा ने पुलिस पर लगाए थे आरोप
रामपुर। शुक्रवार को इत्तेहाद ए मिल्लत काउंसिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा खां बरेली से रामपुर आए थे। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा था कि किसानों का समर्थन करने की वजह से फरहत अहमद जमाली को निशाना बनाया जा रहा है। पुलिस ने अगर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की या कोई दबाव बनाया तो अन्य लोग भी गिरफ्तारी देंगे।