बिलासपुर (रामपुर)। गणतंत्र दिवस के मौके पर दिल्ली में ट्रैक्टर परेड के दौरान जान गंवाने वाले ग्राम डिबडिबा निवासी किसान नवरीत सिंह की याद में शनिवार को श्रद्धांजलि सभा की गई। इंसाफ मार्च नाम से तिरंगा झंडा लगे वाहनों का काफिला भी सड़क पर निकला। इस दौरान नवरीत की मौत के मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों को सजा की मांग की गई।
शनिवार सुबह करीब दस बजे क्षेत्र व उत्तराखंड के तमाम किसानों के साथ पंजाब से आए विधायक सुखपाल सिंह खैहरा, पंजाब के पूर्व वित्त मंत्री परमिंदर सिंह ढींढसा, पंजाब के पूर्व विधायक रंजीत सिंह तलवंडी आदि ग्राम डिबडिबा निवासी हरदीप सिंह के फार्म हाउस पर पहुंचे। सभी ने हरदीप सिंह के पौत्र नवरीत सिंह की मौत पर शोक जताया। दो मिनट के मौन के बीच नवरीत को श्रद्धांजलि दी गई। नवरीत प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई गई।
इसके बाद किसानों ने इंसाफ मार्च नाम से नैैनीताल हाईवे तक पदयात्रा क्री और फिर तिरंगा झंडा लगे वाहनों से तमाम लोग दिल्ली की ओर रवाना हो गए। इस मौके पर गुरदीप सिंह, दलजीत सिंह गोराया, सपा नेता संतोष शर्मा, अमरजीत सिंह ढिल्लो, डॉ. गुरशरणजीत सिंह, जगवीर सिंह आदि मौजूद रहे।
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किसान नवरीत की मौत प्राकृतिक नहीं थी, जांच के लिए कमेटी बने : खैहरा
बिलासपुर (रामपुर)। नवरीत सिंह की मौत पर शोक जताने आए पंजाब के विधायक सुखपाल सिंह खैहरा ने नवरीत की मौत की जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह प्राकृतिक मौत नहीं है। नेताओं को चाहिए कि किसान की मौत का मामला संसद में उठाएं, ताकि उसके परिवार को न्याय मिल सके।
शनिवार को ग्राम डिबडिबा में मृतक नवरीत सिंह के आवास पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि नेता यहां आकर तो हमदर्दी दिखा जाते हैं, लेकिन संसद में कोई भी मुद्दे को नहीं उठा रहा है। उन्होंने कहा कि नवरीत की मौत हादसे में नहीं हुई। उसके पास भारी वाहन चलाने का ड्राइविंग लाइसेंस था। ऐसे में उससे ट्रैक्टर चलाने में चूक कैसे हो सकती है। संयुक्त मोर्चे को किसान की मौत के मुद्दे को उठाना चाहिए। उन्होंने दिल्ली पुलिस पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि दिल्ली सरकार को किसान की मौत की जांच के लिए कमेटी का गठन करना चाहिए।