सैफनी (रामुपर)। बिटिया के साथ दरिदंगी के मामले में परिजनों ने एक से ज्यादा आरोपी होने की आशंका जताने के बाद पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। पुलिस ने शनिवार को घटनास्थल के आसपास करीब डेढ़ किलोमीटर के क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू कर दी है। साथ ही डीएनए जांच कराने की भी बात कर रही है।
सैफनी में 11 साल की बिटिया के साथ हुई दरिदंगी के मामले में यूं तो पुलिस एक आरोपी को गिरफ्तार कर चुकी है, लेकिन गत दिवस परिजनों ने घटना में दुष्कर्म के आरोपी दान सिंह के अलावा कई ओर लोगों के होने की आशंका पीड़िता के परिजनों ने जताई है, जिसके बाद पुलिस इसी एंगल पर जांच करने में जुटी हुई है। विवेचनाधिकारी सीओ हर्षिता सिंह ने बताया कि आरोपी के घर से लेकर घटना स्थल तक करीब डेढ़ किमी. के क्षेत्र में आने वाले सीसीटीवी कैमरों को खंगाला जा रहा है। हालांकि इस डेढ़ किलोमीटर के क्षेत्र में ज्यादा कैमरे नही है। बावजूद उसके सीसीटीवी कैमरों में पुरानी तस्वीर देखी जा रही है। हो सकता है कि परिजनों का शक सही हो। इस घटना में दान सिंह के अलावा कोई ओर भी है। उसके लिए कैमरे की फुटेज से लेकर गोपनीय पूछताछ भी की जा रही है। सीओ ने बताया कि डीएनए रिपोर्ट से भी कई चीजों का खुलासा हो सकता है। इस डीएनए रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच रिपोर्ट के बाद केस में मजबूती मिलेगी। जिसके बाद तुरंत केस में चार्जशीट दाखिल करदी जाएगी। शनिवार को भी पीड़िता के घर के आस पास और गांव में पुलिस बल तैनात रहा।
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आरोपी बेटे को गोली मारने की बात कह रहा पिता
सैफनी। बालिका के साथ दरिंदगी करने वाले आरोपी दान सिंह का पिता अपनी किस्मत को कोस रहा है। वह रो-रोकर अपने बेटे को फिर से गोली मार देने की बात कहता रहा। आरोपी के पिता ने बताया कि जेल में उससे कोई मिलने नहीं गया है। इस शर्मनाक घटना के बाद उससे कोई वास्ता रखना नहीं चाहता है। संवाद
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भीम आर्मी कार्यकर्ताओं ने पीड़ित परिवार से की मुलाकात
पीड़ित परिवार के घर शनिवार को भी राजनीतिक दल और संगठन के लोगों को आना जाना लगा रहा। शनिवार को भी आजाद समाज पार्टी में महिला मोर्चा की पूर्व महासचिव बबीता कुमारी कार्यकर्ताओं के साथ पीड़ित परिजनों से मिलने पहुंचीं। उन्होंने पीड़ित परिजनों को भरोसा दिलाया कि जल्द से जल्द उन्हें इंसाफ मिलेगा।
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पुलिस ने आर्थिक मदद उपलब्ध कराने के लिए भेजा प्रस्ताव
एसपी विद्या सागर मिश्र का कहना है कि पुलिस की ओर से पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद उपलब्ध कराने के लिए प्रस्ताव प्रशासन को भेजा है। बताया कि ढाई लाख रुपये एफआईआर दर्ज होने के बाद, जबकि ढाई लाख चार्जशीट दाखिल होने के बाद दी जाती है। यह प्रस्ताव प्रशासन को भेजा गया है। समाज कल्याण विभाग से भी मदद दिए जाने की तैयारी की जा रही है।