रामपुर। शुक्रवार की रात करीब 10:30 बजे आई आंधी और बारिश ने भारी तबाही मचाई है। शहर के साथ केमरी, टांडा, स्वार समेत ग्रामीण इलाकों में आंधी में पेड़ उखड़ गए और बिजली के खंभे टूटकर गिर गए। जिससे दर्जनों गांवों की बिजली गुल हो गई। टांडा में दीवार गिरने से महिला समेत दो लोग घायल हो गए।
रामपुर में शुक्रवार की रात 35 किमी की रफ्तार से चली आंधी में पहाड़ी गेट पर जगह-जगह आठ पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए। जिससे कई इलाकों में करीब सात-आठ घंटे बिजली गुल रही। बिजली विभाग की टीम ने मशक्कत के बाद सुबह छह बजे सप्लाई चालू कराई। किला क्षेत्र में कई जगह शेड उड़कर ट्रांसफार्मर पर गिर गए। जिससे बिजली सप्लाई बाधित हो गई। इसके अलावा शाहबाद गेट, सिविल लाइंस और अजीतपुर बिजलीघर की भी बिजली भी आंधी की वजह से गुल हो गई और सड़क किनारे खड़े पेड़ उखड़ गए। जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
टांडा में रामपुर रोड स्थित अब्दुल्ला राई मिल पर भूसी के गोदाम पर लगी शेड आंधी में उड़कर बराबर के पेट्रोल पंप के टैंक पर जाकर गिर गई। जिससे पेट्रोल टैंक क्षतिग्रस्त हो गया। वहीं ग्राम करखेड़ी में दो जगह, ग्राम सेंटाखेड़ा, सेडू का मझरा आदि जगह भी शेड उड़ गई। जगह-जगह पेड़ गिरने से हाईटेंशन लाइन के दो पोल, दो क्रॉस आर्म और पांच इंसुलेटर टूट गए। जिससे लगभग 200 गांव अंधेरे में डूबे हुए हैं। जिसमें रसूलपुर-फरीदपुर, सोनकपुर, अजीमनगर, धनपुर शाहदरा, मिलक काजी, समोदिया, रुस्तमनगर में शनिवार शाम तक सप्लाई नहीं आ सकी।
दड़ियाल में काशीपुर मार्ग स्थित रोशनी वाले मोहल्ला में 15 साल पुराना पाखड़ का पेड़ उखड़कर बिजली की लाइन पर गिर गया। जिससे बिजली के पोल टूट गए और आपूर्ति बाधित हो गई। स्वार में रामपुर-बाजपुर, स्वार-बिलासपुर, स्वार-मुंशीगंज, दढि़याल-बाजपुर समेत अनेक लिंक मार्गों पर पेड़ गिरने से बिजली लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं।
बिलासपुर में जगह-जगह 200 पोल गिर गए, जिससे सप्लाई बाधित हो गई। केमरी में मिलक-रामपुर तिराहे पर सड़क किनारे खड़ा एक पाखड़ का विशालकाय पेड़ सड़क के बीचोबीच गिर पड़ा। जिससे यातायात बाधित हो गया। सुबह नगर पंचायत की टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से पेड़ कटवाने के बाद आवागमन शुरू कराया।
-
आंधी-बारिश से फसलों को नुकसान
मसवासी में क्षेत्र में आम, मिर्च और गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा है। किसानों के अनुसार आंधी में पेड़ों से आम छड़ गया है। मिर्च की तैयार फसल आंधी की वजह से खेतों में बिछ गई। आम की उपज में भी बड़ी गिरावट आने की आशंका जताई जा रही है। इसके अलावा टांडा में खेतों में मौजूद गेहूं की फसल को आंधी और बारिश के चलते भारी नुकसान हुआ। कटी पड़ी फसलें पानी से बह गई, जिससे किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया। दढि़याल में बारिश से कटी हुई गेहूं की फसल को भी नुकसान पहुंचा है।
-
यह रहा तापमान:-
अधिकतम-36.2 डिग्री सेल्सियस
न्यूनतम-18.2 डिग्री सेल्सियस
आर्द्रता- 43 प्रतिशत
हवाएं-5.8 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से
आंधी-35 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से
बारिश -5.6 मिमी
-
आंधी में महिला सहित दो घायल
शुक्रवार की रात आंधी और बारिश में टांडा क्षेत्र के गांव हाजीपुरा निवासी मोहम्मद शरीफ के मकान की दीवार गिर गई। जिससे पड़ोसी नदीम (35) दीवार की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजन उसे उपचार के लिए सीएचसी ले गए। जहां से गंभीर हालत में रामपुर रेफर कर दिया। वहीं नगर के मोहल्ला सट्टा कालोनी निवासी इब्ने की पत्नी आंधी के दौरान छत से कुछ समान लेने गई थी। आंधी में उड़कर आई कोई वस्तु सिर में लगने से वह घायल हो गई। परिजन बेहोशी की हालत में उसे उपचार के लिए निजी अस्पताल ले गए। जहां से गंभीर हालत में मुरादाबाद रेफर कर दिया।
मिलकखानम में भी आंधी से उखड़े पेड़, बिजली ठप
मिलकखानम। शुक्रवार की रात आई आंधी-बारिश से मिलकखानम क्षेत्र में दर्जनों पेड़ उखड़ गए। बमना बिजली घर से देहात की विद्युत लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं जिसके कारण लगभग 36 गांवों की आपूर्ति ठप होकर रह गई है।
शुक्रवार की रात लगभग साढ़े दस बजे आंधी के साथ तेज बारिश हुई। करीब आधा घंटा तक यह सिलसिला चलता रहा। आंधी ने टीन शेड और पेड़ उखाड़ दिए। विद्युत लाइनें भी क्षतिग्रस्त हो गईं जिसके कारण बिजली आपूर्ति पूरी तरह से ठप है। पूरा क्षेत्र अंधेरे में डूबा हुआ है। किसानों का कहना है कि गेहूं की फसल को भी नुकसान पहुंचा है। संवाद