रामपुर। जिला अस्पताल में बनाई गई बीएसएल टू प्रयोगशाला में कोविड-19 की आरटीपीसीआर जांच के लिए अब प्रतिदिन 300 जांचें होंगी। जबकि, अब तक 200 जांचें होती थीं।
कोरोना संक्रमण की बढ़ती रफ्तार के बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। इसको लेकर ही जिले में ऑक्सीजन से लेकर बेड तक की किल्लत न हो इसके लिए इंतजाम किए गए हैं। इस दौरान सरकार की मंशा के अनुरूप जिला चिकित्सालय में बीएसएल-टू लैब बनाई गई, ताकि समय से संक्रमण का पता चलने पर उसके फैलाव को रोका जा सके। लैब संचालन के लिए दो नान मेडिकल साइंटिस्ट, तीन लैब टेक्नीशियन एवं एक डाटा इंट्री ऑपरेटर की तैनाती की गई थीं। जिसका 21 नवंबर को सीएमओ ने फीता काटकर उद्घाटन किया था, लेकिन दस दिन तक जांज शुरु नही हो पाई थी। बाद में कोरोना के नए वैरिएंट के विदेशों में हलचल मचाने के बाद शासन ने स्वास्थ्य विभाग को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। इसके बाद प्रयोगशाला में दो दिसंबर को जांच शुरु हो गई। आरटीपीसीआर लैब में प्रतिदिन 20 जांचें हुई। जिसके बाद इसे बढ़ाकर 200 तक किया गया। अब कोरोना की जिले में रफ्तार बढ़ने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने लैब की जांचों को बढा दिया है। जिसके बाद अब प्रतिदिन 300 सैंपल लगाए जाएंगे। मेडिकल साइंटिस्ट शिवानी सक्सेना ने बताया कि शुक्रवार से आरटीपीसीआर जांच के 300 सैंपल लगाए जाएगे।