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रोहित को भी मिलें बनर्जी सर तो बन जाए धोनी

Tue, 25 Oct 2016 12:48 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ रामपुर
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रोहित क्रि‌केटर
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क्रिकेटर एमएस धोनी के जीवन में टर्निंग प्वाइंट का श्रेय कोच केशव बनर्जी को जाता है जिन्होंने फुटबाल छुड़वाकर उसे क्रिकेटर बनाया और तब तक उसके पीछे खड़े रहे जब तक उसे सही प्लेटफार्म नहीं मिल गया। मगर रोहित जैसे तमाम खिलाड़ियों का दुर्भाग्य है कि उन्हें धोनी जैसे कोच नहीं मिल पाते। और यही वजह है कि तमाम होनहार धोनी जैसे नहीं बन पाते। छत्तीसगढ़ में आयोजित नेशनल टेनिस क्रिकेट टूर्नामेंट में तीसरे स्थान में रही यूपी की टीम के कप्तान व 12वीं के छात्र रोहित को सम्मानित करने के बजाय स्कूल ने उसका नाम ही काट दिया। 
   
आरोप है कि इस छात्र को स्कूल प्रशासन ने यह कहकर भगा दिया कि उसका नाम काट दिया गया है अब वह अपने अभिभावक को बुलाकर लाए तब जाकर ही नाम लिखा जाएगा। स्कूल प्रशासन का कहना है कि वह बिना बताए गैर हाजिर था और नियमानुसार  ही उसका नाम काट दिया              गया था। छात्र इस रवैये से बेहद मायूस है। 
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खेलों को बढ़ावा देने के लिए स्कूल कालेज यूं तो हमेशा ही आगे रहते हैं। उनके छात्र यदि कहीं पर कोई खेल प्रतियोगिता में खेलने जाते हैं तो स्कूल का भी नाम रोशन होता है, लेकिन रामपुर के एक स्कूल में खेल प्रतिभा का सम्मान करने के बजाए अपमान कर दिया गया। मामला श्री हरि इंटर कालेज से जुड़ा हुआ है। इस स्कूल के 12 वीं के छात्र रोहित कुमार का चयन उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन की ओर से आयोजित जिला स्तरीय ट्रायल में हुआ था।

इस ट्रायल में रोहित का चयन हुआ था। रोहित चयन के बाद नेशनल टेनिस क्रिकेट प्रतियोगिता के लिए गया हुआ था। यह प्रतियोगिता छत्तीसगढ़ में हुई थी। राष्ट्रीय टेनिस क्रिकेट प्रतियोगिता में 19 राज्य की टीमों ने हिस्सा लिया, जिसमें यूपी की टीम के कप्तानी भी रोहित को सौंपी गई थी। यह प्रतियोगिता 13 से 16 अक्तूबर के बीच चली। इस प्रतियोगिता में व्यस्त होने की वजह से स्कूल नहीं  गया। 
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सोमवार को वह वापस लौटा तो सीधे स्कूल पहुंचा, उसे उम्मीद थी कि स्कूल में उसे सम्मानित किया जाएगा। बकौल, रोहित जब वह स्कूल पहुंचा तो प्रधानाचार्या ने स्कूल न आने पर डांटा और स्कूल से नाम काटे जाने की बात कह दी और किसी भी तरह सम्मान समारोह न करने की बात कही। उसने प्रधानाचार्या को खेलने जाने की पूरी जानकारी दी, लेकिन इसके बाद भी रोहित को उसके परिजनों को बुलाने की बात कही। आरोप है कि उसका अपमान किया गया और उसे भगा दिया गया। यानि यहां उसका सम्मान होना था, लेकिन उसका नाम ही स्कूल से काट दिया गया। फिलहाल, वह मायूस है।
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