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रामपुर में फिर पुनर्जीवित होगी जलधारा

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रामपुर। जिले में फिर कोसी नदी की जलधारा पूरे साल के लिए पुनर्जीवित होगी। इसके लिए इसरो के पूर्व वैज्ञानिक ने रामपुर में भूजल शक्ति प्रोजेक्ट शुरू किया है। इस प्रोजेक्ट पर उनकी टीम एक सप्ताह से रिसर्च कर रही है। इसमें देखा जा रहा है कि आखिर क्या वजह रही, जो रामपुर की सालभर बहने वाली नदियां सूख गईं। इसके बाद एक डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जो सरकार को भेजी जाएगी। सरकार उसी के आधार पर संबंधित विभागों से कामकाज कराएगी।
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रामपुर में भूगर्भ जल स्तर सुधारने और नदियों में जलधारा दशकों पूर्व की तरह करने के लिए रेडिको खेतान लिमिटेड और आर्ट ऑफ लिविंग की ओर से भूजल शक्ति प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। जिसमें इसरो के पूर्व वैज्ञानिक डॉ. लिंगाराजु के नेतृत्व में एक सप्ताह पूर्व टीम रामपुर आई थी। टीम ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण कर सर्वे किया। सर्व के बाद टीम ने प्रशासन के साथ रिपोर्ट साझा की है।
शुक्रवार को कलक्ट्रेट में डॉ. लिंगाराजु ने अपनी रिसर्च के दौरान सामने आए कुछ बिंदुओं को जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ और सीडीओ गजल भारद्वाज के समक्ष रखा। उन्होंने बताया कि टीम ने रामनगर में जहां कोसी का तराई क्षेत्र में प्रवेश होता है। वहां से शाहबाद में राम गंगा में मिलने तक संपूर्ण नदीय क्षेत्र का टोमोग्राफी सर्वे किया है। इस सर्वे से यह जानकारी मिलेगी कि किस क्षेत्र में क्या समस्याएं हैं, जिनके कारण कोसी नदी में 12 महीने पानी नहीं रहता और आने वाले समय में सिर्फ बरसाती नाला बनने के कगार पर आ चुकी है।
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उन्होंने सर्वे के आधार पर जानकारी दी कि कोसी नदी एवं आसपास का क्षेत्र पूर्ण तराई क्षेत्र था, परन्तु अनेक कारण हैं, जिनके द्वारा क्षेत्र में जल की कमी दिखाई देने लगी है। उन्होंने कहा रामपुर का चमरव्वा ब्लॉक सबसे पहले डार्क जोन में आया। अब सैदनगर, शाहबाद, स्वार भी क्रिटिकल क्षेत्र बन गए हैं। परन्तु, भूगर्भ विज्ञान के अनुसार अभी भी जो जल आंतरिक बहाव के कारण रामपुर के दक्षिण में चला जाता है, उसको हमें वैज्ञानिक विधि द्वारा रोकना होगा, जिससे रामपुर में पुन: तराई क्षेत्र बन जाएगा एवं सभी ब्लॉक सामान्य हो सकेंगे। इन कार्यक्रमों में आर्ट ऑफलिविंग के गुरू आदित्यनाथ रामपुर में ही दो वर्ष तक प्रवास पर रहेंगे एवं पूरे कार्यक्रमों को सामाजिक सहयोग दिलाने में कार्य करेंगे। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़ ने कहा कि कर्नाटक में हुए जल स्तर नियंत्रण कार्यक्रम से सभी वाकिव हैं। डॉ. लिंगाराजु की टीम जब पूरी डीपीआर तैयार कर लेगी, तब इस दिशा में अगला कदम उठाया जाएग।
बैठक में रेडिको खेतान के डायरेेक्टर ऑपरेशन्स केपी सिंह, वरिष्ठ महाप्रबंधक विकास सक्सेना, इंदरपाल सिंह, अमृतराज तोमर, अनीता चौहान, डॉ. वासुदेवन, डॉ. पृथ्वी जयसूर्या, आदित्यनाथ चौबे आदि मौजूद रहे।
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