रामपुर। हज यात्रा पर भेजने का झांसा देकर जिला पूर्ति कार्यालय के सेवानिवृत्त कर्मचारी से 12.17 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। शहर कोतवाली पुलिस ने मोती मस्जिद के इमाम ख्वाजा अहमद कारी और उसके साथी इमरान के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मिलक क्षेत्र के गांव खाताकलां निवासी जमील अहमद जिला पूर्ति कार्यालय में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री पोर्टल और एसपी को दी शिकायत में बताया कि वह नोदरा चौकी स्थित मोती मस्जिद में नमाज पढ़ने जाते थे। इसी दौरान उनकी पहचान मस्जिद के इमाम ख्वाजा अहमद कारी और इमरान से हुई।
बातचीत के दौरान उन्होंने सरकारी कोटे से हज पर न जा पाने की बात बताई तो आरोपियों ने उन्हें और उनकी पत्नी फूल बी को प्राइवेट तौर पर हज यात्रा कराने का भरोसा दिलाया। इसके लिए नौ लाख रुपये खर्च आने की बात कही।
शिकायत के अनुसार, हज पर जाने की उम्मीद में उन्होंने अपनी जीवनभर की जमा पूंजी, पेंशन की राशि, जमीन बेचकर और पत्नी के सोने के कुंडल बेचकर मई-जून 2026 के बीच आरोपियों को नौ लाख रुपये नकद दे दिए।
आरोपियों के कहने पर 14 मई को गांव और रिश्तेदारों के लिए हज रवाना होने से पहले दावत भी दी, जिस पर करीब ढाई लाख रुपये खर्च हुए। आरोप है कि आरोपी उनके घर से 17 हजार रुपये कीमत का एक बकरा और करीब 50 हजार रुपये का अन्य सामान भी ले गए।
पीड़ित का कहना है कि आरोपियों ने उनके बेटे के व्हाट्सएप पर फ्लाइट टिकट भेजे, लेकिन बाद में उन्हें डिलीट कर टिकट निरस्त होने का बहाना बना दिया। जब बार-बार यात्रा की तारीख बदली गई तो उन्होंने एक कैफे पर टिकटों की जांच कराई, जहां पता चला कि टिकट फर्जी थे। इसके बाद उन्हें अपने साथ हुई ठगी का एहसास हुआ।
जमील अहमद का आरोप है कि जब उन्होंने अपने रुपये और आरोपियों के पास रखे पासपोर्ट वापस मांगे तो दोनों ने पैसे लौटाने से इन्कार कर दिया। विरोध करने पर गाली-गलौज की गई और पुलिस में फंसाने की धमकी भी दी गई।
एएसपी अनुराग सिंह ने बताया कि शहर कोतवाली पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।