एशिया की विख्यात रामपुर रजा लाइब्रेरी में सुरक्षा और चाक चौबंद होगी। लाइब्रेरी के संग्रह एवं इमारत को सुरक्षित रखने के लिये वाच एंड वार्ड की व्यवस्था मजबूत की जाएगी। लाइब्रेरी की सुरक्षा का जिम्मा केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के पास है। सीआईएसएफ के डीआईजी और कमांडेंट ने सुरक्षा का आडिट करके सभी गेटों पर सैंड बैग के मोर्चे बनाए जाने, आगंतुकों के वाहन और सामान की जांच के लिए आधुनिक उपकरण मुहैया कराने के आदेश दिए हैं।
केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) उत्तरी क्षेत्र-1 मुख्यालय, नई दिल्ली के उप महानिरीक्षक (डीआईजी) अतुल कटियार (आईपीएस) ने रामपुर रजा लाईब्रेरी का सुरक्षा ऑडिट किया। उन्होंने लाइब्रेरी की वर्तमान सुरक्षा व्यवस्था का बारीकी से अवलोकन कर लाइब्रेरी की संवेदनशीलता को देखते हुए इसकी सुरक्षा और अधिक मजबूत बनाने के लिए लाइब्रेरी अधिकारियों को महत्वपूर्ण सुझाव दिए, जिसमें सभी गेटों के पास सैंड बैग के मोर्चे बनवाने, परिधि दीवार को ऊंचा करने तथा आगंतुकों एवं उनके वाहन व सामान की सुरक्षा जांच के लिए आधुनिक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने पर जोर दिया। इसके अलावा रजा लाइब्रेरी यूनिट के सुरक्षा इंचार्ज को जवानों की बैरकों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए वहाँ अतिरिक्त तैनाती करने के निर्देश दिए। भारत सरकार द्वारा रामपुर रजा लाइब्रेरी को राष्ट्रीय महत्व का संस्थान घोषित किया गया है।
इससे इसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल पर है। उप महानिरीक्षक ने इस अवसर पर लाइब्रेरी मेन गेट पर सुरक्षा के लिहाज से बनाए गए क्लॉक रूम का उद्घाटन भी किया। सीआईएसएफ इकाई एचटीपीपी कासिमपुर (अलीगढ़) के कमांडेंट एचएस नेगी ने निरीक्षण के दौरान लाइब्रेरी में संग्रहित प्राचीन पांडुलिपियों का अवलोकन किया और लाइब्रेरी परिसर में पौधरोपण किया।
इसके अलावा लाइब्रेरी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मीटिंग कर उनको सुरक्षा खामियों से अवगत कराया तथा जवानों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान लाइब्रेरी यूनिट के सुरक्षा इंचार्ज संजय सिंह, लाइब्रेरियन एवं सूचना अधिकारी डॉ. अबुसाद इस्लाही, अरुण कुमार सक्सेना, तारिक़ अजहर एवं राजेश कुमार आदि मौजूद रहे।