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Rampur News: रामपुर पुलिस ने ईडी को भेजा आजम पर दर्ज 84 मुकदमों का ब्योरा

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- सभी मुकदमों से जुड़ी एफआईआर, चार्जशीट व ताजा स्थिति मांगी गई थी
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रामपुर। सपा के कद्दावर नेता आजम खां के खिलाफ दर्ज 84 मामलों से जुड़े दस्तावेज रामपुर की पुलिस ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को भेज दिए हैं। ईडी की ओर से आजम के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर की फोटो कॉपी, चार्जशीट तथा मुकदमों की ताजा स्थिति की सत्यापित प्रतियों की मांग की गई थी। माना जा रहा है कि इन कागजात की मांग साल 2019 में आजम खां के विरुद्ध ईडी की ओर से दर्ज एफआईआर के क्रम में की गई है।

सूत्र बताते हैं कि जौहर यूनिवर्सिटी निर्माण के दौरान सरकारी जमीन, शत्रु संपत्ति पर कब्जों जैसे आरोपों पर आधारित एक शिकायत केंद्र सरकार से की गई थी। इस बीच जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण पर हुए कुल खर्च का सवाल भी उठा था। निर्माण में बाहरी लोगों के आर्थिक सहयोग के नाम पर काला धन खपाने के आरोप भी चर्चा में आए थे। इसके बाद एक तरफ आयकर विभाग सक्रिय हुआ था, जबकि ईडी की ओर से वर्ष 2019 में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इसके अलावा आजम खां के जल निगम का अध्यक्ष रहते समय निगम में भर्ती घोटाले का मुद्दा उठने पर वर्ष 2022 में लखनऊ में भी रिपोर्ट दर्ज हुई थी।
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इन दोनों एफआईआर के आधार पर जांच कर रही ईडी ने रामपुर पुलिस से उन पर पहले से दर्ज मुकदमों, चार्जशीट व ताजा स्थिति की डिटेल मांगी थी।

इसी क्रम में जिले की पुलिस की ओर से आजम पर दर्ज 84 मुकदमों की एफआईआर, चार्जशीट की कॉपियां ईडी को भेज दी गई हैं। इसकी पुष्टि एएसपी अनुराग सिंह ने की है।
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84 मुकदमों में से 16 में आ चुका है फैसला
पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार सपा नेता आजम खां के खिलाफ कुल 84 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें से 16 मुकदमों में अदालत फैसला सुना चुकी है, जिनमें से आठ में सजा हुई है और इतने ही मामलों में क्लीनचिट मिली है।

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आयकर विभाग खत्म कर चुका है जौहर ट्रस्ट का चैरिटेबल दर्जा
संवाद न्यूज एजेंसी

रामपुर। आयकर विभाग भी सपा नेता आजम खां पर शिकंजा कस चुका है। सूत्र बताते हैं कि आयकर की मांग के अनुसार जौहर ट्रस्ट जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण पर अनुमानित खर्च 494 करोड़ का ब्योरा उपलब्ध कराने में अभी तक नाकाम रहा है। आय-व्यय की जानकारी उपलब्ध न करा पाने व अन्य अनियमितताओं के हवाले से आयकर विभाग 23 जून को ट्रस्ट का चैरिटेबल दर्जा खत्म कर चुका है।
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आयकर विभाग ने वर्ष 2015 से 2020 तक जौहर यूनिवर्सिटी के लिए जमीन खरीद, इंफ्रास्ट्रक्चर और निर्माण पर खर्च धनराशि का साक्ष्यों समेत ब्योरा प्रस्तुत करने का नोटिस दिया था। एक अन्य नोटिस में ट्रस्ट को करोड़ों रुपये दान देने वाली 11 फर्मों को संदिग्ध मानते हुए रिकॉर्ड भी मांगा गया है। ट्रस्ट ने इसके लिए आयकर विभाग से और समय मांगा है।
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