मुरादाबाद के कुंदरकी थाना क्षेत्र के कर्बला निवासी गोतस्कर साजिद की मौत गोली लगने से नहीं बल्कि गाड़ी पलटने के बाद लगी अंदरूनी चोट से हुई थी। इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ है। पटवाई थाना पुलिस की शनिवार की रात में कार सवार गोतस्करों से उस वक्त मुठभेड़ हो गई थी, जब पुलिस गश्त कर रही थी। गश्त के दौरान ही पुलिस ने कार सवारों को रोक लिया था।
पुलिस मुठभेड़ में साजिद की मौत और दूसरे साथी बबलू के घायल होने के मामले की मजिस्ट्रेटी जांच होगी। इसके लिए पुलिस की ओर से प्रशासन से सिफारिश की गई है। एसपी ने बताया कि मजिस्ट्रेटी जांच की सिफारिश की गई है। जल्द ही मामले की मजिस्ट्रेटी जांच शुरू हो जाएगी।
रामपुर जिले पटवाई थाना क्षेत्र में पुलिस मुठभेड़ में जान गंवाने वाले साजिद (28) का शव पोस्टमार्टम के बाद कड़ी सुरक्षा में कुंदरकी पहुंचा। वहीं साजिद पिता जाहिद ने पुलिस पर बेटे को पकड़कर मारने का आरोप लगाया है। कहा कि जब गाड़ी डिवाइडर से टकराई तो पुलिस इनको गिरफ्तार कर सकती थीं। उन्होंने मुठभेड़ की निष्पक्ष जांच कराने जाने की मांग की है।
रविवार को कुंदरकी नगर के मोहल्ला पश्चिमी सादात में कर्बला के पास घर पर साजिद का शव पहुंचते ही लोगों की भीड़ लग गई। देर शाम परिजनों के साथ लोगों ने शव को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया। साजिद की मौत से उसकी पत्नी हिना व भाई-बहन को सगे-संबंधी ढांढस बंधाते नजर आए। साजिद पांच भाइयों में सबसे बड़ा था।
वह पत्नी और दो बच्चों के साथ 10 वर्षों से मुरादाबाद के करूला में किराए के घर में रह रहा था। मृतक के पिता ने पुलिस मुठभेड़ पर सवाल उठाए है। जाहिद कहना है कि उनका बेटा इतना बड़ा अपराधी नहीं था, जिसको सिर्फ पशु तस्करी के आरोप में ही मुठभेड़ में मार दिया जाए।