मौसम ने शनिवार की तड़के एक बार फिर करवट ली। बारिश संग तेज हवाओं की जुगलबंदी से तापमान में गिरावट होने से ठंड बढ़ गई जिसने लोगों की कंपकंपी छुड़ा दी। जिसकी वजह से बच्चों और बुजुर्गों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं शनिवार को जिले में स्कूल बंदी का आदेश बेअसर दिखाई दिया। तहसील क्षेत्र में कई निजी स्कूल रहे जिसको लेकर अभिभावकों में नाराजगी रही। इसके अलावा रेल और सड़क यातायात भी प्रभावित रहा।
नए साल के सातवें दिन मौसम बेहद ठंडक भरा रहा। शनिवार की तड़के से ही मौसम में बदलाव महसूस किया गया। सुबह बूंदाबांदी हुई और फिर रुक-रुक कर बारिश होती रही, जिससे मौसम और सर्द हो गया। तेज हवाओं के संग हुई बारिश ने लोगों की दिक्कतों को बढ़ा दिया। कड़ाके की ठंड की वजह से प्रशासन की ओर से शुक्रवार रात को स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई थी, लेकिन तमाम बच्चों को इसकी जानकारी नहीं थी, जिसकी वजह से बच्चे तो बारिश में ही ठिठुरते हुए स्कूल पहुंच गए, लेकिन बाद में छुट्टी कर दी गई। इधर, मिलक और स्वार तहसील में मान्यता प्राप्त और निजी स्कूल रहे। जिस पर अभिभावकों में नाराजगी दिखाई दिखी। हालांकि स्वार खंड शिक्षाधिकारी सिद्दीक अहमद ने बताया कि जिन प्रबंधकों ने विद्यालय खोले है जांच कराकर विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
कड़ाके की ठंड ने लोगों को बेहाल कर दिया। कड़ाके की ठंड से लोग खासे परेशान दिखे। ठंड की वजह से मजदूर पेशा लोग ठिठुरते रहे। दिनभर आसमान में बादल छाए रहे। प्रशासन की ओर से अलाव की कोई व्यवस्था नहीं की जा रही है। जिसकी वजह से लोग इधर-उधर भटकते हुए नजर आए। मिलक में हाईवे पर तीन बत्ती चौराहे पर जलभराव होने के कारण राहगीरों को परेशानी उठानी पड़ी। दुकानदारों ने अलाव जलाकर सर्दी से निजात पाने की कोशिश की। शाहबाद में सरकारी कार्यालयों में सन्नाटा पसरा रहा। सैफनी क्षेत्र में छितौनी संपर्क मार्ग पर जगह जगह बरसात का पानी इकट्ठा हो जाने के कारण सडक पर लोगों को गुजरने में दिक्कत का सामना करना पड़ा।