कोर्ट की देखरेख में चल रही है संपत्ति बंटवारे की प्रक्रिया...
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रेलवे स्टेशन पर खड़ी नवाब रजा अली खां की ट्रेन के दो डिब्बों की वर्तमान कीमत अब रेलवे अधिकारी तय करेेंगे। वैसे कई दशकों से खड़े ये डिब्बे पूरी तरह खराब हो चुके हैं।
इनके शीशे टूट गए हैं, डिब्बों के अंदर से सारा कीमती सामान गायब है। ये डिब्बे काफी पुराने हैं। इसलिए कोर्ट ने रेलवे से पूछा है कि इनकी कीमत क्या है। ताकि इस आधार पर नवाब परिवार के बीच संपत्ति बंटवारे की प्रक्रिया में इन डिब्बों का बंटवारा किया जा सके।
रामपुर रियासत भारतीय गणराज्य में विलय के वक्त आखिरी नवाब रजा अली खां ने पांच बड़ी अचल संपत्तियां कोठी खासबाग, बेनजीर बाग, नवाब रेलवे स्टेशन और शाहबाद स्थित लखी बाग और कुंडा अपने पास रख ली थीं।
1966 में रजा अली खां का इंतकाल हो गया था। आखिरी नवाब के इंतकाल के बाद उनके वारिसों में संपत्ति बंटवारे को लेकर विवाद हुआ था, जो कोर्ट पहुंच गया था।
सुप्रीम कोर्ट ने शरीयत कानून के मुताबिक उनके वारिसों में संपत्ति के बंटवारे का आदेश दिया था। बंटवारे की प्रक्रिया को पूरा कराने की जिम्मेदारी जिला जज को सौंपी गई थी। इसके बाद नवाब के संपत्ति का मूल्यांकन किया जा रहा है। नवाब की संपत्ति में उनकी निजी ट्रेन भी शामिल है।