रालोद की महिला कार्यकर्ताओं ने निजी स्कूलों की मनमानी के विरोध में कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। साथ ही जिलाधिकारी के जरिए मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। कार्यकर्ताओं ने शिक्षा के अधिकार अधिनियम का पालन कराने की मांग की।
महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष फरहा अबरार के नेतृत्व में महिलाएं कलक्ट्रेट पहुंची और निजी स्कूलों के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया। कुछ देर प्रदर्शन के बाद जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। डीएम के जरिए मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में कहा है कि निजी इंग्लिश स्कूलों की मनमानी बढ़ती जा रही है। फीस और कोर्स के नाम कई गुना पैसा वसूला जाता है। इसलिए गरीब अपने बच्चों को निजी स्कूलों में नहीं पढ़ा पाते हैं। मुख्यमंत्री से शिक्षा के अधिकार अधिनियम का पालन कराकर निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत गरीब बच्चों को मुफ्त शिक्षा दिलाने, मनमानी फीस और अवैध वसूली कर रोक लगाने की मांग।
ज्ञापन में कहा है कि निजी इंग्लिश मीडियम स्कूल हर साल नर्सरी से लेकर सभी कक्षाओं के सिलेबस बदल लेते हैं। उनकी प्रशासन और पुस्तक विक्रेताओं से साठगांठ है जबकि, अमेरिका जैसे साधन संपन्न देशों में किसी भी क्लास का पाठ्यक्रम नहीं बदला जाता है। मुख्यमंत्री से मनमानी करने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन देने वालों में नोरीन, रानी, चमन, शम्मू, रूमा, शहनाज, बेबी, रेहाना, परवीन थीं।